पश्चिम बंगाल में भाजपा के सीएम इन वेटिंग और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की बीती रात 10 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई। चुनाव बाद हिंसा में हुई हत्या की ये सनसनीखेज घटना राजधानी कोलकाता से सटे मध्यमग्राम इलाके में हुई। वारदात के बाद के वीडियो फुटेज में चंद्रनाथ रथ को अस्पताल ले जाते दिखाया गया है। जिस स्कॉर्पियो गाड़ी में वो सवार थे, हमलावरों की कार ने उसे ओवरटेक कर रोक लिया। फिर पीछे से एक बाइक पर सवार दो हेलमेट पहले अपराधी वहां पहुंचे और अगली सीट पर बैठे चंद्रनाथ राथ की विंडो से सटाकर उनपर कई गोलियां दाग दी। चंद्रनाथ रथ के सिर, सीने और पेट में अनेग बुलेट लगी जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना में चंद्रनाथ रथ के ड्राइवर को भी गोलियां लगी हैं और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चंद्रनाथ रथ की पर चलती कार में चार गोलियां चलाई गईं। इनमें से 4—5 उन्हें लगीं। हमलावरों ने उनकी कार का पीछा किया और जब कार धीमी हुई तो उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। वहीं पुलिस का कहना है कि पहले पीछा किया गया, फिर ओवरटेक कर रास्ता ब्लॉक कर दिया गया और उसके बाद गोलीबारी की गई। बीजेपी ने चंद्रनाथ रथ की हत्या को पूरी तरह सुनियोजित और रेकी के बाद अंजाम दिया गया बताया है। जैसे ही चंद्रनाथ रथ की हत्या की खबर मिली भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचे और वहां उन्होंने इसे पूरी तरह प्लानिंग के तहत अंजाम दी गई वारदात करार दिया। भाजपा ने इस हत्या का आरोप तृणमूल कांग्रेस के लोगों पर लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को हार बर्दाश्त नहीं हो रही, इसीलिए वे अपने लोगों से भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या पर उतर आए हैं।
इधर तृणमूल कांग्रेस ने घटना की निंदा करते हुए इसकी जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मौके से पुलिस को सीसीटीवी फुटेज समेत कई सुराग मिले हैं जिनके आधार पर जांच की जा रही है। ग़ौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी ने हाल ही में हुए चुनाव में भवानीपुर से टीएमसी नेता और निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को क़रीब 15 हज़ार वोटों से हराया था। चंद्रनाथ रथ ने उनकी जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी। चंद्रनाथ रथ की हत्या को लेकर अबतक जो खुलासे सामने आए हैं, उनसे साफ संकेत मिलता है कि यह पूरी तरह से प्लान्ड और रेकी के बाद अंजाम दिया गया हमला था।
स्थानीय लोगों के मुताबिक चंद्रनाथ रथ पिछले दो वर्षों से मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में अपने परिवार के साथ रह रहे थे और सुवेंदु अधिकारी के साथ पूरा दिन बिताने के बाद लगभग हर रात 10 से 11 बजे के बीच घर लौटते थे। हमलावरों को उनकी इस नियमित दिनचर्या की पूरी जानकारी थी, जिससे साफ होता है कि उनकी मूवमेंट पर पहले से नजर रखी जा रही थी और उसी के आधार पर हमले का समय चुना गया। घटना वाली शाम 8 बजे से 10 बजे तक तेज बारिश होती रही और सामान्य तौर पर 9 बजे के बाद बाजार बंद हो जाने के कारण सड़कें खाली हो जाती हैं। बारिश के चलते इलाका और भी सुनसान हो गया, जिससे हमलावरों को बिना किसी रुकावट के वारदात को अंजाम देने का मौका मिला।