पटना/बख्तियारपुर : पावन गंगा दशहरा के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री सह राज्यसभा सांसद Nitish Kumar सोमवार को बख्तियारपुर स्थित सीढ़ी घाट पहुंचे, जहां उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने दूध, पंचामृत, रोली एवं पुष्पमाला अर्पित कर मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त किया। सुबह करीब 10:30 बजे सीढ़ी घाट पहुंचे नीतीश कुमार के स्वागत के लिए स्थानीय लोगों एवं प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई थी। पूजा के दौरान एक दिलचस्प दृश्य तब देखने को मिला, जब ब्राह्मणों द्वारा तिलक लगाने का प्रयास किए जाने पर उन्होंने विनम्रतापूर्वक हाथ जोड़कर तिलक लगाने से मना कर दिया।
मां गंगा के दर्शन के बाद नीतीश कुमार राधे-कृष्ण मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। मंदिर से बाहर निकलते समय सैंडल पहनने के दौरान उनका पैर अचानक लड़खड़ा गया, हालांकि पास में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत संभाल लिया, जिससे वे गिरने से बच गए। इसके बाद उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी पंडित शीलभद्र याजी के स्मारक पर पहुंचकर उनकी आदमकद प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कुछ देर विश्राम के बाद वे अपने पैतृक आवास पहुंचे और वहां से पटना के लिए रवाना हो गए।
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री Nishant Kumar का मंत्री बनने के बाद यह पहला बख्तियारपुर दौरा है। वे संध्या समय आयोजित गंगा आरती में शामिल होंगे। पिता-पुत्र का एक ही कार्यक्रम में अलग-अलग समय पर पहुंचना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखा तथा सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट