भाजपा ने बांकीपुर उपचुनाव में नामांकन के एक दिन बाद ही अपना प्रत्याशी बदल दिया। क्या यह एक महज पारिवारिक कारण मात्र के चलते हुआ। या फिर इसके पीछे कोई अहम वजह है। दरअसल भाजपा ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में पहले घोषित अभिषेक बंटी की जगह अब नीरज सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। अभिषेक बंटी ने नामांकन दाखिल करने के एक दिन बाद ही चुनाव लड़ने से इनकार कर अपना नाम वापस ले लिया। अभिषेक बंटी ने पारिवारिक कारण बताकर अपनी उम्मीदवारी वापस ली। लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे मुख्य वजह जनसुराज प्रत्याशी प्रशांत किशोर की अभिषेक बंटी के खिलाफ तैयार वह दस्तावेजी रणनीति थी, जो वह नामांकन की तिथि बीत जाने के बाद जनता के सामने लाने वाले थे।
सूत्रों के अनुसार अभिषेक बंटी के खिलाफ प्रशांत किशोर के हाथ कुछ ऐसे दस्तावेजी सबूत लगे हैं, जो उनकी उम्मीदवारी ही रद करा देते। बताया जाता है कि अभिषेक बंटी पर कुछ मामले दर्ज हैं, जिसमें मारपीट और छेड़खानी का आरोप भी शामिल है। यह सूचना उनके द्वारा दाखिल किये गए नामांकन में छिपाई गई थी। इसके अलावा नामांकन में अभिषेक बंटी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर मैट्रिक पास की जानकारी दी गई। पर सूत्र बताते हैं कि यह डिग्री न तो बिहार बोर्ड, सीबीएसई या फिर आईसीएसई बोर्ड से थी। उन्होंने मैट्रिक संस्कृत शिक्षा बोर्ड से पास की है। लेकिन इस सर्टिफिकेट को लेकर कई विसंगतियों की बात भी सामने आ रही हैं।
यह भी उल्लेखनीय है कि अभिषेक बंटी के पिता रविंद्र प्रसाद सिन्हा बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले में दोषी पाए गए थे। जानकारी में पता चला कि अभिषेक बंटी के पिता मेसर्स मगध केमिकल्स कॉर्पोरेशन नाम की एक कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। इस कंपनी पर चारा घोटाले के दौरान फर्जी बिलों के आधार पर अवैध सप्लायर बनने और सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने का गंभीर आरोप लगे थे और वे दोषी साबित हुए। यही नहीं, उनपर 50 हजार रुपया जुर्माना भी लगा था। कहा जा रहा कि यही कारण था कि भाजपा को जब यह पता चला कि प्रशांत किशोर के पास अभिषेक बंटी के बारे में ये तमाम जानकारी मौजूद है तो पार्टी ने आनन—फानन में अपना उम्मीदवार बदलकर डैमेज कंट्रोल कर लिया। लेकिन यहां अहम सवाल है कि भाजपा ने ये सब जानकारियां प्रत्याशी के नाम पर अंतिम मुहर लगाने से पहले खुद क्यों नहीं जुटाईं थी। यही नहीं, यह भी अहम सवाल है कि जनसुराज में वह कौन विभीषण है जिसने समय रहते भाजपा तक यह जानकारी लीक कर दी।