दो वर्ष पूर्व हुए पश्चिम चंपारण के बगहा अनुमंडल अंतर्गत रामनगर थाना क्षेत्र के चर्चित पिंटू यादव हत्याकांड में अदालत ने आज बड़ा फैसला सुनाया। डीजे चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्र की अदालत ने हत्या के इस मामले में अनीता देवी और उसके दो बेटों गोलू यादव तथा कीर्ति यादव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली और इसे न्याय की जीत बताया। अभियोजन पक्ष के अनुसार रामनगर थाना क्षेत्र के मुड़ीला गांव में आपसी विवाद के दौरान पिंटू यादव की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि अनीता देवी के इशारे पर उसके दोनों बेटों ने वारदात को अंजाम दिया।
यह मामला रामनगर थाना क्षेत्र के मुड़ीला गांव से जुड़ा है, जहां दिसंबर 2024 में नाली विवाद को लेकर हुई मारपीट में पिंटू यादव की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हत्या की इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की और पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान सीसीटीवी फुटेज सबसे अहम साक्ष्य साबित हुआ। अदालत ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ अन्य गवाहों और दस्तावेजी प्रमाणों को भी महत्वपूर्ण माना। अभियोजन पक्ष ने मजबूत पैरवी करते हुए आरोपियों के खिलाफ सभी सबूत अदालत के समक्ष पेश किए, जिसके आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया गया। इस मामले की एक और खास बात यह रही कि भारतीय न्याय संहिता BNS लागू होने के बाद महज दो वर्षों के भीतर अदालत ने इस चर्चित हत्याकांड में फैसला सुना दिया।
अदालती फैसले के बाद इसे त्वरित न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। बहस में अभियोजन पक्ष ने यह भी बताया कि मुख्य आरोपी पर पहले से करीब एक दर्जन गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। अदालत ने सभी तथ्यों, साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद फैसला आया। फैसले में अनीता देवी, गोलू यादव और कीर्ति यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं पीड़ित परिवार ने अदालत के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और आखिरकार उन्हें इंसाफ मिला। वहीं अभियोजन पक्ष ने कहा कि मजबूत साक्ष्यों, विशेष रूप से सीसीटीवी फुटेज, और प्रभावी पैरवी की बदौलत दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सकी।