औरंगाबाद । बिहार के औरंगाबाद जिले से एक बड़ी और दुखद खबर में बच्चों से भरी एक स्कूल वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब 15 फीट नीचे नहर में जा गिरी। इस भीषण हादसे में वैन सवार 13 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, और तीन की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार के साथ ही अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला और पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से स्कूल प्रबंधन और फरार चालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
घटना बिहार के औरंगाबाद जिले के अंबा-नवीनगर मुख्य मार्ग की है, जहां बच्चों से भरी एक स्कूल वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब 15 फीट नीचे नहर में गिरने से वैन सवार 13 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें से तीन की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया। सभी घायल बच्चों को तत्काल कुटुंबा रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टरों के अनुसार, तीन बच्चों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर किया गया है।
आरबी प्रताप (5 वर्ष, निवासी: सिकरिया), हर्ष कुमार (12 वर्ष), मौली कुमारी (7 वर्ष) हादसे में साक्षी कुमारी (11 वर्ष), साक्षी कुमारी (12 वर्ष), आदित्य राज (12 वर्ष), अमी कुमारी (12 वर्ष), लकी राज सैनिक (12 वर्ष), कुमार सुगंध आर्यन (8 वर्ष), सृष्टि कुमारी (5 वर्ष), आयुष कुमार (10 वर्ष), अक्षय कुमार (7 वर्ष), वैभव गौरव (6 वर्ष), आबिद राजा (13 वर्ष) और अमित कुमार (7 वर्ष) को चोटें आई हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, अंबा स्थित संत जेवियर हाई स्कूल की मैजिक वैन कुटुंबा, लखना, महुआ धाम और मीरपुर गांव से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। इसी दौरान तामसी मोड़ के समीप चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और वैन सीधे नहर में पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद आरोपी चालक बच्चों को तड़पता छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बड़ी संख्या में रोते-बिलखते अभिभावक घटना स्थल और अस्पताल पहुंचे। हादसे के बाद परिजनों में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया।
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। परिवहन के लिए पुरानी और जर्जर गाड़ियों का उपयोग किया जाता है। तय क्षमता से अधिक बच्चों को एक ही वाहन में ठूंस-ठूंस कर बैठाया जाता है। पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया।” मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच में जुट गई है और फरार चालक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।