अरवल। बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने अरवल जिले का दौरा कर विभिन्न बाल संरक्षण एवं बाल कल्याण से संबंधित संस्थानों का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
भ्रमण के दौरान सबसे पहले अध्यक्ष ने पुरानी अरवल स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि केंद्र में नामांकित 35 बच्चों में से 20 बच्चे उपस्थित थे। इस पर उन्होंने सेविका एवं महिला पर्यवेक्षिका को बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने तथा अभिभावकों से सतत संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया। साथ ही केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं और बच्चों को दी जा रही सेवाओं की भी समीक्षा की।
इसके बाद अध्यक्ष ने बाल कल्याण समिति, अरवल का निरीक्षण किया। इस दौरान समिति द्वारा पिछले एक वर्ष में प्राप्त मामलों के निष्पादन की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली गई। मामलों के निस्तारण में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों, विभिन्न विभागों के सहयोग और समन्वय से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अध्यक्ष ने सभी विभागों को बेहतर समन्वय स्थापित कर संवेदनशीलता के साथ बाल हितों की रक्षा के लिए कार्य करने का निर्देश दिया।
तत्पश्चात उन्होंने विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, अरवल का निरीक्षण किया और संस्थान की कार्यप्रणाली, दत्तक ग्रहण प्रक्रिया तथा बच्चों के पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि दत्तक ग्रहण प्रक्रिया एवं उसके महत्व का व्यापक प्रचार-प्रसार पंचायत एवं ग्रामीण स्तर तक किया जाए, ताकि जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित और स्नेहपूर्ण पारिवारिक वातावरण मिल सके।
अध्यक्ष ने सदर अस्पताल, अरवल स्थित विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय वहां आठ नवजात शिशुओं का उपचार चल रहा था। उन्होंने चिकित्सकों एवं नर्सिंग कर्मियों से उपचार व्यवस्था, उपलब्ध संसाधनों एवं स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में आ रही समस्याओं और अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता के संबंध में भी जानकारी ली।
इस अवसर पर डॉ. अमरदीप ने कहा कि बच्चों के अधिकारों का संरक्षण, समुचित पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना समाज और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने की आवश्यकता है। निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई राजन कुमार, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस) माला कुमारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट