जदयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को अश्लील नृत्य और इस दौरान हथियार लहराने वाले मामले में गोपालगंज कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने इस मामले में उन्हें कोई राहत देने से इनकार करते हुए उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी को खारिज कर दिया। यह पूरा मामला गोपालगंज स्थित मीरगंज के सेमरांव गांव में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है, जहां विधायक अनंत सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में कथित तौर पर अश्लील नृत्य और खुलेआम प्रतिबंधित हथियारों का प्रदर्शन किया गया था। इस मामले में गोपालगंज पुलिस ने विधायक अनंत सिंह और गायक गुंजन सिंह समेत कुल 9 नामजद और कई अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है।
गोपालगंज एडीजे-1 की अदालत ने अनंत सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी अपील को खारिज कर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने इस मामले को MP-MLA कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। अब इस केस की अगली सुनवाई बुधवार को होगी। बीते दिनों मोकामा विधायक अनंत सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें अनंत सिंह मुजरा देखते हुए और उनके समर्थक हथियार लहराते हुए दिख रहे थे। इस डांस कार्यक्रम को भी अश्लील बताया गया था। पूरा मामला मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमरांव गांव में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है। यहां कथित तौर पर फूहड़ डांस और हथियारों के प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में कुछ लोग हथियार लहराते नजर आए थे।
वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक अनंत सिंह समेत 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट से पहुंचे अनंत सिंह के वकील कुमार हर्षवर्धन ने अदालत से अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की लेकिन अदालत ने इस मामले को MP-MLA कोर्ट भेज दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश पाठक ने दावा किया कि यह पूरा मामला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो एडिट कर फैलाया गया है और उसका अनंत सिंह या भोजपुरी कलाकार से कोई संबंध नहीं है। दूसरी ओर गोपालगंज पुलिस ने जांच तेज करते हुए वायरल वीडियो को एफएसएल जांच के लिए भेजा है। पुलिस वीडियो में दिख रहे हथियारों की बैलेस्टिक जांच कराने की भी तैयारी कर रही है। इस मामले पर अनंत सिंह ने पहले ही अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि उन्होंने कोई कानून नहीं तोड़ा है और कार्यक्रम में पहुंचने के समय कुछ लोग पहले से हथियार लेकर मौजूद थे। उनका दावा है कि इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी कार्यक्रम को लेकर कोई नियम है तो प्रशासन को पहले स्पष्ट निर्देश जारी करना चाहिए।