पटना : भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल एवं पूर्व राज्यसभा सांसद रविंद्र किशोर सिन्हा (आर.के. सिन्हा) के निधन की खबर से राजनीतिक, सामाजिक और व्यावसायिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि लंबी बीमारी के बाद आज उन्होंने अंतिम सांस ली।
बिहार के भोजपुर की धरती से निकलकर पत्रकारिता, समाजसेवा और उद्योग जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले आर.के. सिन्हा का जीवन संघर्ष, समर्पण और उपलब्धियों की प्रेरणादायक मिसाल रहा है। उन्होंने वर्ष 1974 में सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज (SIS) की स्थापना की, जिसे आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। राजनीतिक क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
जनसंघ के दौर से ही संगठन से जुड़े रहे सिन्हा ने भारतीय जनता पार्टी के गठन और उसके विस्तार में अहम भूमिका निभाई। वे वर्ष 2014 से 2020 तक बिहार से राज्यसभा सांसद भी रहे। उनके निधन से बिहार ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया है, जिन्होंने पत्रकारिता, राजनीति, समाजसेवा और उद्यमिता के क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों और शुभचिंतकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।