नवादा : जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बाली व रुपौ थाना क्षेत्र के पांडेयगंगौट में प्रेम पंथ के संस्थापक हाजी हाफिज वारिस अली शाह के अनुयायी पंचवदन सिंह उर्फ महंंथ बाबा की मनायी जाने वाली दो रोजा मड़ही पूजा का आगाज हुआ। विभिन्न राज्यों व जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे विभिन्न धर्मों के हजारों श्रद्धालुओं ने उनकी समाधि पर चादरपोशी कर विश्व शांति के लिए प्रार्थना की। पूजा आरंभ होने के पूर्व विधिवत दिव्योपासना कर परमसत्ता को आमंत्रित किया गया। मौके पर हजारों की संख्या में उपस्थित महिला -पुरुष़ों ने दिव्योपासना में अपनी उपस्थिति दर्ज करा महाआरती में अपना योगदान दिया।
मनौती व मांगे पूरी होने के बाद उत्पन्न दर्जनों संतानों का परिजनों ने बड़े धूमधाम के साथ मड़ही परिसर में मुंडन संस्कार कराया। इस क्रम में मड़ही परिसर में मुंडन के क्रम में महिलाओं द्वारा गाये जा रहे मांगलिक गीतों से परिसर गूंजायमान हो उठा। परिसर में आयोजित वारसी भजन -किर्तन व कौव्वाली की थाप पड़ते ही श्रद्धालु अपने आपको झूमने से रोक नहीं सके। “छाप तिलक सब छीनी ने, मोसे नैना” मिलाके का गायन ने मजहव की दिवारों से निकल कर प्रेम का जब संदेश दिया तो श्रद्धालुओं को “सबका मालिक एक” का अहसास कराया। “पिया चला प्रदेश को , कैसे जिऊंगी ए सखि” महान सूफी संत वसंत जी उर्फ अनवार शाह का भजन ने अपने गुरु के प्रति श्रद्धा का अहसास कराया।
आगंतुकों के ठहरने, भोजन के साथ मनोरंजन के हर साधन की व्यवस्था मड़ही पूजा आयोजन समिति के लोगों द्वारा उपलब्ध कराई गई है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए ग्रामीण स्वयंसेवकों के साथ प्रशासन ने सुरक्षा की कमान संभाल रखी है। मड़ही के आसपास आसमानी झूला से लेकर मनोरंजन के हर साधन मौजूद हैं जिसका आनंद बच्चे से लेकर हर कोई उठा रहा है। मिष्टान्न से लेकर चाट पकौड़े की सजी आकर्षक दुकानें मड़ही पूजा में आये लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। जब गर्मा गर्म जलेबी की खुशबू हो तो भला इसका मजा लेने से चुकना आसान है क्या? सो हर इसका मजा ले रहा है।
दो दिवसीय मड़ही पूजा का आगाज हो चुका है तथा रातभर लोग रतजगा कर कौव्वाली का होने वाले मुकाबले का आनंद लें रहे तो कोई भजन कीर्तन का आनंद लेने में मशगूल हैं। बाली मड़ही के व्यवस्थापक देवाश्रय कुमार चंचल, प्रभा देवी, पूर्व जिला परिषद मथुरा यादव आगंतुकों के सेवा से लेकर हर सुख सुविधा में किसी को कोई कमी न हो, इस पर विशेष नजर रख रहे हैं। समापन शुक्रवार को खिचड़ी खिलाने व आये मेहमानों की विदाई के साथ होगा।
भईया जी की रिपोर्ट