बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 8 सीटों पर हुए चुनाव की मतगणना आज मंगलवार सुबह शुरू हो गई है। इन 8 सीटों में पटना की शिक्षक और स्नातक सीट, दरभंगा शिक्षक और स्नातक, तिरहुत शिक्षक और स्नातक तथा सारण शिक्षक व कोसी स्नातक सीट के लिए 23 अक्टूबर को वोट डाले गए थे। पटना में बांकीपुर गर्ल्स हाई स्कूल में मतगणना केंद्र बनाया गया है। हालांकि मतगणना केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे को लेकर विवाद की भी खबर है। बताया जाता है कि आज सुबह सबसे पहले जन सुराज के पटना स्नातक कैंडिडेट अनुज सिंह ने मतगणना केंद्र के अंदर सीसीटीवी कैमरा नहीं लगे होने की बात करते हुए चुनाव आयोग से विरोध जताया। उन्होंने चुनाव आयोग को इस संबंध में एक ईमेल भी भेजा है। अनुज सिंह के बाद मतगण्ना केंद्र पर सीसीटीवी नहीं होने की बात कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. संजय यादव ने भी उठाई और वे इस मुद्दे को लेकर मतगणना केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए। वह भी सीसीटीवी नहीं लगाए जाने से नाराज थे। उनका आरोप है कि सीसीटीवी नहीं होने के पीछे किसी गड़बड़ी की साजिश हो सकती है।
इधर आज सुबह एमएलसी चुनाव के मतों की गिनती शुरू की गई। सबसे पहले वरीयता वाले मतों की छंटनी का काम किया जा रहा है। बताया गया कि चूंकि मत पत्रों से चुनाव हुआ है, इसलिए परिणाम आने में समय लगेगा। बांकीपुर गर्ल्स हाई स्कूल में स्नातक सीट के लिए 14 और शिक्षक सीट के लिए सात टेबलों पर मतगणना की व्यवस्था की गई है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 87,583 मतदाता हैं। इनमें 66,462 पुरुष, 21,117 महिलाएं और चार अन्य मतदाता शामिल हैं। पटना स्नातक सीट फिलहाल जदयू के पास है। 2020 के विधान परिषद चुनाव में नीरज कुमार ने यहां से लगातार तीसरी बात जीत हासिल की थी। लेकिन इसबार जदयू विधायक अनंत सिंह के बागी हो जाने के बाद पटना की स्नातक और शिक्षक, दोनों ही सीटों पर मुकाबला कांटे का हो गया है और सबकी दिलचस्पी इन 2 सीटों के नतीजों में बढ़ गई है।
पटना के अलावा दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और सारण में भी निर्धारित केंद्रों पर एमएलसी चुनाव के मतों की गिनती आज सुबह से ही की जा रही है। मुजफ्फरपुर के एमआईटी कॉलेज में सुबह 8 बजे से मतों की गिनती शुरू है। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 17 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से 10 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है। मतगणना को लेकर कुल 14-14 टेबल बनाए गए हैं। इसी तरह की व्यवस्था दरभंगा, पूर्णिया, सारण में भी की गई है। विदित हो कि इस विधान परिषद् चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा जनता दल यूनाईटेड के अंदर का गतिरोध रहा। मतदान खत्म होते ही जदयू ने बाहुबली विधायक अनंत सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया, क्योंकि वह पार्टी की ओर से घोषित प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का पटना स्नातक सीट पर प्रचार कर रहे थे। अब पार्टी उनकी विधायकी लेने के लिए बिहार विधानसभा चुनाव में आवेदन दे चुकी है। मंगलवार रात तक आने वाला परिणाम साफ करेगा कि नीरज को हराने में कामयाब होकर अनंत सिंह अपनी विधायकी खोने पर क्या कहते हैं या नीरज की जीत की स्थिति में अनंत सिंह की विधायकी जाने के बाद उनकी प्रतिक्रिया क्या आती है? वैसे, 30 अक्टूबर को अनंत सिंह को पिछले साल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुई एक बाहुबली राजनीतिक कार्यकर्ता की मौत/हत्या में संलिप्तता के मामले की सुनवाई भी है।