नवादा : जिले के रजौली प्रखंड क्षेत्र के हरदिया में राष्ट्रीय राजमार्ग 20 के किनारे यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए यात्री शेडों की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लाखों रुपये की लागत से बने इन शेडों का इस्तेमाल यात्रियों के बजाय दूसरे कामों के लिए किया जा रहा है। इससे सरकारी योजनाओं के उद्देश्य और सार्वजनिक संपत्ति के रखरखाव को लेकर चिंता जतायी जा रही है।
एनएचएआई के कट नहीं होने से उपयोग में परेशानी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हरदिया की घनी आबादी वाले हिस्से में राष्ट्रीय राजमार्ग पर उचित कट नहीं होने के कारण यात्रियों को शेड तक पहुंचने और उसका इस्तेमाल करने में परेशानी होती है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान इस पहलू पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे शेड का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। हालांकि, इस संबंध में एनएचएआई का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ सका है।
यात्री शेड में बांधी जा रहीं बकरियां
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रखरखाव और उपयोग की व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्री शेड पर अतिक्रमण हो गया है। जहां यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए, वहां बकरियां बांधी जा रही हैं। लोगों का कहना है कि इससे यात्रियों को मिलने वाली सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिला परिषद से बने शेड में चल रही नाई की दुकान
हरदिया पंचायत में एनएच-31/20 के पास जिला परिषद की अनुशंसा और 15 वें वित्त आयोग की राशि से एक अन्य यात्री शेड बनाया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस शेड का इस्तेमाल सार्वजनिक सुविधा के बजाय निजी कारोबार के लिए किया जा रहा है। शेड के अंदर आईना, कुर्सियां और बाल काटे जाने से जुड़े सामान रखे होने की बात सामने आयी है।
सरकारी राशि के उपयोग पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों ने यात्री शेडों की मौजूदा स्थिति पर नाराजगी जतायी है। उनका कहना है कि सार्वजनिक धन से बनी संपत्ति का उपयोग यात्रियों की सुविधा के लिए होना चाहिए। लोगों ने संबंधित विभागों से स्थिति की जांच कराने, अतिक्रमण हटाने और शेडों को फिर से यात्रियों के उपयोग के योग्य बनाने की मांग की है।
एनएचएआई और स्थानीय प्रशासन के समन्वय पर सवाल
स्थानीय निवासियों का मानना है कि सड़क पर उचित कट की व्यवस्था और यात्री शेडों के रखरखाव के बीच समन्वय जरूरी है। उनका कहना है कि यदि पहुंच की समस्या दूर नहीं की गयी और अतिक्रमण हटाने के लिए कदम नहीं उठाये गये, तो इन सरकारी संपत्तियों का उपयोग और प्रभावित हो सकता है। हालांकि, इस मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए संबंधित विभागों की जांच और आधिकारिक जानकारी जरूरी है।
बीडीओ ने जांच और कार्रवाई का दिया आश्वासन
इस बावत बीडीओ संजीव झा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि संबंधित जिला परिषद सदस्य और वरीय पदाधिकारियों के माध्यम से जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से यात्री शेड का सदुपयोग करने की अपील की, ताकि यात्रियों को असुविधा न हो।
जांच और अतिक्रमण हटाने पर टिकी नजरें
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से यात्री शेडों को अतिक्रमण मुक्त कराने और उन्हें यात्रियों के लिए उपयोगी बनाने की मांग की है। अब यह देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और संबंधित विभाग शेडों तक पहुंच की समस्या तथा उनके मौजूदा इस्तेमाल को लेकर क्या कदम उठाती हैं।
भईया जी की रिपोर्ट