नवादा : सदर अस्पताल में परिवार हेल्प लिपिक से जुड़े आरोपों की जांच के लिए पटना से स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। स्वास्थ्य विभाग की निदेशक प्रमुख (डायरेक्टर इन चीफ) डॉ रेखा झा ने अस्पताल पहुंचकर मामले से जुड़े आरोपों, दस्तावेजों और उपलब्ध कराये गये साक्ष्यों की जांच की। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट वरीय अधिकारी को भेजी जायेगी। संबंधित पक्ष को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए चार दिन का समय दिया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और सिविल सर्जन डॉ विनोद कुमार चौधरी को दिये गये आवेदन के आलोक में यह जांच की जा रही है। आवेदन में परिवार हेल्प लिपिक राजीव कुमार और नाकाबुल हक उर्फ हक साहब के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाये गये हैं। निदेशक प्रमुख डॉ रेखा झा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि दोनों कर्मियों की नियुक्ति, पदस्थापन और लंबे समय से नवादा में बने रहने से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
डॉ रेखा झा के अनुसार, जांच के दौरान संबंधित कर्मियों के कार्यों की समीक्षा की जा रही है। कुछ लोगों को परेशान किये जाने के आरोप भी सामने आये हैं। इस संबंध में जांच टीम को कई वीडियो और अन्य प्रमाण उपलब्ध कराये गये हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित कर्मियों के दस्तावेजों में कुछ कमियां होने की बात भी सामने आयी है। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि यदि किसी व्यक्ति ने पहले नौकरी से इस्तीफा दिया था, तो उसकी दोबारा नियुक्ति किस प्रक्रिया के तहत हुई।
निदेशक प्रमुख ने बताया कि संबंधित पक्ष को मामले से जुड़े सभी दस्तावेज जांच टीम के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए चार दिन का समय दिया गया है। दस्तावेज मिलने के बाद आरोपों, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की गहन पड़ताल की जायेगी। इसके आधार पर रिपोर्ट तैयार कर वरीय अधिकारी को भेजी जायेगी। 13 अक्टूबर को नवादा में स्वास्थ्य मंत्री के प्रस्तावित आगमन से पहले शिकायतों की जांच के लिए टीम के पहुंचने को भी इस दौरे से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

भईया जी की रिपोर्ट
