बिहार में एमएलसी चुनाव की सरगर्मियों के बीच JDU में पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोले पार्टी विधायक अनंत सिंह को लेकर अभी भी असमंजस बरकरार है। जहां ललन सिंह द्वारा इस विवाद में पहल के बाद मामला सुलझने की बात कही जा रही है, वहीं यह भी चर्चा है कि अब अनंत सिंह पार्टी प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ सिर्फ खुलकर विरोधी बयान नहीं देंगे। इसका यह मतलब हुआ कि वे नीरज का समर्थन करेंगे या नहीं, इसपर स्थिति साफ नहीं हुई है। इसबीच आज मंगलवार को पहले जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और फिर वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने ललन सिंह की इस विवाद को सुलझाने की कोशिश पर बयान दिया है। संजय झा ने कहा कि ललन सिंह से जितना संभव हुआ, उन्होंने पार्टी हित में किया है। अब सब ठीक हो जाएगा। वहीं जदयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने कहा कि ललन सिंह ने मामला सुलझाने के लिए रास्ता निकाल लिया है। अब कोई दिक्कत नहीं है।

पटना स्नातक सीट से चुनाव लड़ रहे JDU प्रत्याशी नीरज कुमार और मोकामा विधायक अनंत सिंह के बीच झगड़े के खुलकर सामने आने के बाद पार्टी ने तमाम कोशिशें की कि मामला सुलझ जाए। लेकिन जब अनंत सिंह नहीं माने तो बीते दिन इस काम में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को लगाया गया और उन्होंने अनंत सिंह से मुलाकात भी की। ललन सिंह की इसी कोशिश पर जब संजय झा से पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि ललन सिंह से जितना संभव हुआ, उन्होंने पार्टी हित में प्रयास किया है। वहीं जब इस मुद्दे पर जेडीयू के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से वरिष्ठ नेता ललन सिंह से इस मामले में हस्तक्षेप कर समाधान निकालने का आग्रह किया गया था। ललन सिंह ने मामले में कार्रवाई की और विवाद को सुलझाने की दिशा में रास्ता निकाला है।
विजय चौधरी ने कहा कि पार्टी ने इस मामले में जो निर्णय और कार्रवाई की है, उसमें पूरी पारदर्शिता बरती गई है। पार्टी की ओर से किसी को भड़काने के लिए कोई बात नहीं कही गई। बल्कि मामले की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि ललन सिंह ने कार्रवाई के साथ यह भी स्पष्ट किया है कि विवाद को सुलझाने के क्रम में जो अन्य बातें सामने आई हैं, उन पर पार्टी विचार करेगी। यानी मामला सिर्फ तत्काल विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इस पूरे प्रकरण से जुड़े दूसरे पहलुओं पर भी पार्टी की नजर है। विजय चौधरी ने कहा कि ललन सिंह के संज्ञान में जो बातें आईं, उन्हें पार्टी के संज्ञान में लाना सकारात्मक कदम है। पार्टी इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है और इससे जुड़े सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। अब विजय चौधरी के बयान से साफ है कि पार्टी इस विवाद को हल्के में नहीं ले रही है। साथ ही पार्टी की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि पूरे मामले में फैसले किसी दबाव या गुटबाजी के आधार पर नहीं, बल्कि तथ्यों और सामने आई शिकायतों के आधार पर लिए गए हैं।
