मोकामा से जदयू के विधायक अनंत सिंह बिहार एमएलसी चुनाव में जनसुराज प्रत्याशी का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में उनके जनसुराज ज्वाइन कर लेने की अटकलें हो गईं। इसबीच इन अटकलों को लेकर जब जनसुराज के मुखिया प्रशांत किशोर से अनंत सिंह पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने अपना रुख साफ कर दिया। पीके ने कहा कि हजारों लोग हमारा समर्थन कर रहे हैं। जनसुराज को जितने लोग वोट दे रहे हैं, उनका पार्टी में शामिल होना जरूरी नहीं है। अगर अनंत सिंह जनसुराज में आने का ऐलान करते हैं, तब पार्टी इस पर फैसला लेगी। इसके बाद जब जनसुराज को बाहुबलियों के समर्थन पर सवाल पूछा गया तो पीके ने कहा कि जिसको सातवां वेतनमान चाहिए, वितरहित शिक्षकों को अपना मान और सम्मान चाहिए, बेरोजगार युवाओं को रोजगार चाहिए, ऐसे लोगों को जनसुराज की विचार धारा से जुड़ना चाहिए। फिर चाहे वो बाहुबली वो या कोई और हो। हमारी पार्टी में किसी बाहुबली या धर्मबली का कोई महत्व नहीं है।
इधर अनंत सिंह के अपनी ही पार्टी से बगावती रुख पर कायम रहने के कदम ने जदयू में अंदरूनी विवाद को सतह पर ला दिया है। जदयू में विधायक अनंत सिंह और एमएलसी नीरज कुमार के बीच की लड़ाई अब कोई ढंकी—छिपी बात नहीें रह गई है। दोनों नेताओं के बीच दुश्मनी इतनी बढ़ गई कि वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद भी मामला नहीं सुलझ पाया है। खबर है कि अब केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को इसे सुलझाने का जिम्मा दिया गया। परंतु सूत्रों ने बताया कि उन्होंने भी इस पचड़े में पड़ने से अपना पल्ला झाड़ लिया है। अनंत सिंह का आरोप है कि नीरज कुमार ने उनके घर में एके-47 रखवाकर उन्हें फंसवाया था। उन्होंने नीरज कुमार की जमानत जब्त कराने का दावा किया। दूसरी ओर नीरज कुमार ने चुनौती दी कि अगर साक्ष्य हैं तो कोर्ट जाएं। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों के बीच हनुमान मंदिर जाकर कसम खाने तक की नौबत आ गई। नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर तंज कसते हुए उन्हें बेऊर जेल का संत कह दिया।
मालूम हो कि जदयू ने पटना स्नातक सीट पर पहले से जीत रहे नीरज कुमार को ही उतारा है। आज नीरज कुमार नामांकन करने वाले हैं। इससे पहले जनसुराज प्रत्याशी के नामांकन में जदयू के माेकामा विधायक अनंत सिंह न केवल नजर आए, बल्कि रोड शो में भी उतरे। जदयू विधायक अनंत सिंह मोकामा सीट पर चुनाव के समय नीरज कुमार की बगावत का बदला लेने के नजरिए से इस बार उनके धुर विरोधी के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। इससे जदयू के अंदर ऊहापोह की स्थिति है। अनंत सिंह के तेवर को देखते हुए कई नेता कार्रवाई की मांग कर रहे तो कई समझाने की बात कह रहे।