बाढ़ की मार झेल रहे बिहार के सारण से बड़ी खबर सामने आई है। यहां भीषण बाढ़ की विभिषिका के बीच राहत कार्य के दौरान हेलीकॉप्टर से गिराए गए अनाज के पैकेट से लगी चोट के कारण एक शख्स की जान चली गई। जानकारी के मुताबिक अमनौर थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव में हेलीकॉप्टर से गिराए गए राहत सामग्री का एक पैकेट नीचे सीधे 58 वर्षीय अनिल कुमार के सिर और सीने पर लगा जिससे वह घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। अनिल कुमार परशुरामपुर गांव का निवासी बताया जाता है। मढ़ौरा SDPO सबिंद्र कुमार दास ने बताया कि घटना शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे एक राहत शिविर के पास हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर से गिराए गए राहत सामग्री के पैकेट के सिर पर लगने से व्यक्ति की मौत हुई। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सारण के नए इलाकों में फैला पानी
अमनौर पुलिस ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार व्यक्ति की मौत राहत सामग्री का पैकेट लगने से हुई। हालांकि, उन्होंने कहा कि मृतक के सिर या शरीर के किसी अन्य हिस्से पर चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। राहत अभियान के दौरान एक अन्य घटना भी सामने आई। थाना प्रभारी के अनुसार, काफी नीचे उड़ रहे हेलीकॉप्टर की हवा के दबाव से एक टिन शेड उखड़ गया, जिसकी चपेट में आने से एक महिला के पैर में मामूली चोट आई। प्राथमिक उपचार के बाद महिला की हालत ठीक बताई गई है।
इधर सारण में गंडक नदी का पानी तटबंध टूटने के बाद नए इलाकों में फैल गया है। छपरा से मुजफ्फरपुर जाने वाले नेशनल हाइवे 722 पर 3 से 4 किलोमीटर का एरिया पूरी तरह बाढ़ के पानी में डूब गया है। ग्रामीणो का कहना है कि यह जो आपदा आई है, मकेर के हैजलपुर में बांध के क्षतिग्रस्त होने के कारण आई है। सारण में खेत, घर और सड़कें बाढ़ के पानी में डूबने के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) ने एक बयान में बताया कि जिले में एनडीआरएफ की 12 और एसडीआरएफ की सात टीम तैनात की गई हैं। बयान में कहा गया है कि बाढ़ का पानी विभिन्न इलाकों में फैलने के बाद बेतिया, गोपालगंज, भागलपुर, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण से अतिरिक्त टीम भी भेजी गई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि नेपाल और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के बाद गंडक, गंगा, कोसी, बागमती और घाघरा नदियों का जलस्तर कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। जल संसाधन विभाग (WRD) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गंडक नदी के उफान पर होने के कारण सारण, गोपालगंज, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, वैशाली, सुपौल और पटना समेत कई जिलों में तटबंधों पर खतरा बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि कुछ जगहों पर बाएं और दाएं दोनों तटबंधों पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ रहा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से 3,000 से ज्यादा राशन के पैकेट पहले ही हवाई मार्ग से पहुंचाए जा चुके हैं। एनडीआरएफ की 12 टीमों में 360 प्रशिक्षित जवान हैं और वे 50 से ज्यादा नावों की मदद से राहत और बचाव कार्य कर रहे हैं।
