बिहार में गंडक की बाढ़ का संकट गहरा जा रहा है। छपरा के पानापुर और बृत भगवानपुर में गंडक नदी का तटबंध टूटने से पानी तेजी से आसपास के गांवों में फैल रहा है। छपरा-मुजफ्फरपुर एनएच पर बाढ़ का पानी चढ़ने के साथ मकेर, अमनौर, तरैया और पानापुर के कई नए इलाकों में भी पानी प्रवेश कर गया है। पहले से बाढ़ की मार झेल रहे क्षेत्रों में अब पानी का दायरा बढ़ने लगा है जिससे छपरा—मुजफ्फरपुर एनएच पर परिचालन रोक दिया गया है। वहीं, मुजफ्फरपुर के पारू प्रखंड के जयमल डुमरी गांव में नारायणी गंडक का बांध टूटने के बाद दर्जनों गांवों में पानी घुसने की सूचना है। यहां बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए NDRF की 9वीं वाहिनी की 30 सदस्यीय टीम ने देर रात तक रेस्क्यू अभियान चलाया।
जानकारी के अनुसार छपरा, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर में गंडक के तटबंध और बांध टूटने से कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। गोपालगंज के बैकुंठपुर में शीतलपुर बांध टूटने से कई गांव प्रभावित हैं, जबकि छपरा के पानापुर में भी तटबंध टूट गया है। छपरा के पानापुर में सतजोड़ा के पास आज गुरुवार की सुबह 20 फीट की दूरी में तटबंध टूटने की खबर है। पानी छपरा—मुजफ्फरपुर एनएच 722 पर तीन से 4 फीट उपर तक बह रहा है। यहां आवागमन बाधित होने के साथ ही मकेर बाजार में भी पानी घुसने की सूचना है। जल संसाधन विभाग की तरफ से बताया गया कि राज्य के 6 जिलों में बाढ़ से करीब 1.59 लाख लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और कोसी समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बगहा और बेतिया में भी चार स्थानों पर तटबंध टूट गए हैं। इससे यहां निचले इलाकों में पानी तेजी से भर रहा है और लोगों के घर डूब रहे हैं।
इधर मुजफ्फरपुर में भी गंडक की बाढ़ से हालात भयावह हो गए हैं। पारू प्रखंड के चक्की सुहागपुर थाना परिसर में बाढ़ का पानी घुस गया है। यहां पुलिस नाव से गश्त कर रही है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से साहेबगंज, पारू और सरैया प्रखंड के कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है। गंडक का पानी चक्की सुहागपुर थाना परिसर में घुसने से पुलिसकर्मियों की सामान्य आवाजाही प्रभावित हो गई है। थाना परिसर में तीन फीट से अधिक पानी जमा है। जल संसाधन विभाग के रियल टाइम आंकड़ों के अनुसार रेवा घाट पर गंडक का जलस्तर 55.38 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 54.41को पार कर 55.38 मीटर पर पहुंच गया है नदी खतरे के निशान से 97 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। आंकड़ों में जलस्तर बढ़ने की प्रवृत्ति भी दर्ज की गई है।