-54.83 करोड़ से बन रहा 600 मीटर लंबा पुल, 14 पिलर तैयार
नवादा : जिले के बिहार-झारखंड सीमा पर गोविंदपुर प्रखंड क्षेत्र में महावरा घाट सकरी नदी पर बन रहे बहुप्रतीक्षित पुल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। निर्माण एजेंसी के अनुसार काम की मौजूदा गति को देखते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर पुल का निर्माण पूरा होने की संभावना है। पुल तैयार होने के बाद गोविंदपुर और सरकंडा पंचायत के बीच सीधा सड़क संपर्क स्थापित होगा। पुल निर्माण कंपनी के कनीय अभियंता ने बताया कि सकरी नदी पर पुल के लिए कुल 21 पाये बनाये जाने हैं।
इनमें से 14 पाये तैयार हो चुके हैं, जबकि शेष पायों के लिए पाइलिंग का काम चल रहा है। इसके साथ ही पुल के गर्डर निर्माण का काम भी जारी है और अब तक चार गर्डर तैयार किये जा चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर पुल के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने की तस्वीरें और वीडियो प्रसारित की जा रही है। निर्माण कंपनी के अभियंता ने इन दावों को भ्रामक बताया है। उनके अनुसार, तस्वीरों और वीडियो में दिखाई दे रहा हिस्सा पुल का क्षतिग्रस्त भाग नहीं है, बल्कि निर्माण प्रक्रिया के दौरान तैयार किया गया अस्थायी पीसीसी का हिस्सा है।
अभियंता के अनुसार, हैमर हेड स्थापित करने के लिए अस्थायी समतल सतह पर पीसीसी की ढलाई की जाती है। स्ट्रेचिंग और स्ट्रटिंग के दौरान इस सतह पर सपोर्ट तैयार किया जाता है, जिससे निर्माण के दौरान जरूरी संरचनात्मक सहारा मिल सके। निर्माण कंपनी के अभियंता ने बताया कि हैमर हेड का निर्माण पूरा होने के बाद इस अस्थायी पीसीसी ढलाई को तोड़कर हटा दिया जाता है। उनका कहना है कि इसी निर्माण प्रक्रिया के दौरान अस्थायी रूप से बनाये गये हिस्से को सोशल मीडिया पर पुल के क्षतिग्रस्त होने के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। इससे पुल की गुणवत्ता को लेकर लोगों के बीच भ्रम पैदा हो रहा है।
सकरी नदी पर बनने वाले पुल की लंबाई करीब 600 मीटर और चौड़ाई लगभग 12 मीटर होगी। इसमें कुल 21 पिलर बनाये जायेंगे। पुल के दोनों ओर करीब 5.5 मीटर यानी 18 फीट चौड़े संपर्क पथ का निर्माण किया जायेगा। पुल बनने के बाद गोविंदपुर और सरकंडा पंचायत के बीच सीधा सड़क संपर्क स्थापित होगा। इससे महावरा, सरकंडा, पिपरा, देल्हुआ और शेखोपुर समेत नदी पार बसे कई गांवों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। रोह प्रखंड के कई गांवों के लोगों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
पुल बनने के बाद झारखंड की सीमा की ओर जाने वाले लोगों को वर्तमान मार्ग की तुलना में कम दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आवागमन सुगम होने की उम्मीद है। सकरी नदी पर सीधा पुल नहीं होने के कारण गोविंदपुर थाना क्षेत्र के नदी पार स्थित पंचायतों में पुलिस को पहुंचने में परेशानी होती है। खासकर बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने पर आवागमन की समस्या और बढ़ जाती है।
गोविंदपुर थाना क्षेत्र की पांच पंचायतों में सरकंडा और डुमरी पंचायत सकरी नदी के पार स्थित हैं। वर्तमान में सीधा पुल नहीं होने के कारण पुलिस और आम लोगों को वैकल्पिक मार्ग से झारखंड की दिशा में करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। पुल बनने के बाद नदी पार के गांवों में घटना या आपात स्थिति की सूचना मिलने पर पुलिस को अपेक्षाकृत कम समय में पहुंचने में मदद मिलेगी।
10 फरवरी 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी प्रगति यात्रा के दौरान महावरा घाट पहुंचे थे और सकरी नदी पर पुल निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था। इसके बाद करीब 54.83 करोड़ रुपये की लागत से पुल निर्माण की योजना पर काम आगे बढ़ा। पुल का निर्माण झारखंड के देवघर की हरदेव कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा कराया जा रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद यह पुल गोविंदपुर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग के रूप में विकसित होने की उम्मीद है। इससे नदी के दोनों ओर बसे गांव के लोगों की आवागमन संबंधी परेशानी काफी हद तक दूर हो सकेगी।
भईया जी की रिपोर्ट
