नेपाल में लगातार हो रही बारिश से बिहार में बाढ़ का नया खतरा पैदा हो गया है। बाढ़ और भारी बारिश के बीच अब मोतिहारी में गंडक पर बना रिंग बांध टूट गया जिससे कई रिहाइशी इलाकों में पानी भरने की खबर है। पूरे राज्य और पड़ोसी देश नेपाल में पिछले 3—4 दिनों से लगाता हुई बारिश ने बिहार की तीन नदियों गंडक, बूढ़ी गंडक और बागमती नदी में फिर से उफान ला दिया। इन नदियों के बढ़े जलस्तर ने पश्चिमी चंपारण, मोतिहारी और मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के तमाम जिलों में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम चंपारण के बगहा में गंडक नदी के तेज बहाव ने चम्पारण तटबंध को तोड़ दिया जिससे बगहा शहर में पानी घुस गया। गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज दबाव के कारण चम्पारण तटबंध का लगभग 30 मीटर हिस्सा टूटा है। तटबंध टूटते ही नदी का पानी आसपास के निचले इलाकों में तेजी से फैलने लगा।
दहशत में लोग, अलर्ट मोड में प्रशासन
बताया गया कि यहां यदि गंडक के पानी का दबाव इसी तरह बना रहा तो पानी राष्ट्रीय राजमार्ग NH 727 के लिए भी खतरनाक हो सकता है। सोमवार सुबह वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद नदी के जलस्तर और बहाव में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। पानी के बढ़े दबाव के कारण ही कल देर शाम तटबंध कमजोर पड़ गया और उसका हिस्सा टूट गया। सोमवार को वाल्मिकीनगर स्थित गंडक बराज पर नदी का जलस्त्राव 13 घंटे तक 5 लाख क्यूसेक से अधिक बना रहा। वहीं मोतिहारी से भी बुरी खबर है। आज मंगलवार की सुबह मोतिहारी के अरेराज प्रखंड में मनरेगा से बनाया गया रिंग बांध पानी के दबाव में टूट गया। बांध टूटते ही आसपास के कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने की खबर है।
मुजफ्फरपुर में भी जलस्तर ने बढ़ाई टेंशन
इधर खबर है कि चंपारण में एक और तटबंध पिपरासी प्रखंड के सुगौली गांव स्थित पीपी बांध भी टूट गया है। इससे चंपारण में बाढ़ और भयावह हो गई है। बताया जाता है कि बीते 36 घंटे से अधिक समय से चंपारण में पिपरासी प्रखंड के बलुआ, सेमरा लंबेदहा व मंझरिया पंचायत के लोगों के घरों में बाढ़ का पानी लगा हुआ है। बावजूद इसके किसी भी पंचायत में सामुदायिक किचन का संचालन नहीं हो रहा है। वहीं मुजफ्फरपुर से भी बाढ़ को लेकर चिताएं बढ़ने लगी हैं। यहां बूढ़ी गंडक रेवाघाट में खतरे के निशान को पार कर गई है। जबकि बागमती नदी भी कटौझा और बेनीबाद में खतरे के निशान से काफी उपर बह रही है और इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इस बीच चंपारण, मोतिहारी और मुजफ्फरपुर में एसडीआरएफ की टीमें उतार दी गईं हैं तथा तीनों ही जिलों में प्रशासन फुल अलर्ट पर है।