नवादा : नगर क्षेत्र में दूसरे रेल मार्गों की ट्रेनों के डायवर्जन के कारण किऊल- गया रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही बढ़ गयी। 4 अक्टूबर तक इस रेलखंड से आधा दर्जन से अधिक एक्सप्रेस ट्रेनों के अलावा कई यात्री और मालगाड़ियों का परिचालन कराया जा रहा है। ट्रेनों की संख्या बढ़ने से रेलखंड पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है।

ट्रेन के गुजरने से रेलवे फाटक बंद होते ही सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती है। फाटक खुलने के बाद वाहन चालक आगे निकलने की कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ ही देर बाद दूसरी ट्रेन के आने पर फिर फाटक बंद हो जाता है। कई बार लगातार दो से तीन ट्रेनों के गुजरने के कारण फाटक बार-बार बंद होता है इससे सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है और लोगों को लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ता है।
रेलवे फाटक के कारण लगने वाले जाम में स्कूल बस, एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहन फंस रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने में देरी हो रही है, जबकि मरीजों को लेकर जाने वाले वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना आने-जाने वाले लोगों का कहना है कि फाटक बंद रहने की समस्या पहले से थी, लेकिन ट्रेनों के डायवर्जन के बाद स्थिति और खराब हो गयी है। ई-रिक्शा और छोटे वाहन चालकों को भी लगातार जाम के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है।
जाम में फंसे राहगीर संजय कुमार ने कहा कि रेलवे फाटक बंद होने के बाद काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। एक ट्रेन निकलने के बाद लगता है कि अब रास्ता खुलेगा, लेकिन थोड़ी देर में दूसरी ट्रेन आने पर फिर फाटक बंद हो जाता है। इससे रोजमर्रा के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। राहगीर राकेश कुमार ने कहा कि ट्रेनों का परिचालन बढ़ने के साथ फाटक बंद रहने का समय बढ़ गया है। जरूरी काम से निकले लोग कई बार जाम में फंस जाते हैं और समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते।

ई-रिक्शा चालक मुकेश कुमार ने बताया कि जाम में फंसने से यात्रियों को परेशानी होती है और निर्धारित समय में कम फेरे लग पाते हैं। इसका असर उनकी दैनिक कमाई पर पड़ता है। वाहन चालक अशोक कुमार के अनुसार, फाटक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगने के बाद निकलने में काफी समय लगता है। कई बार फाटक खुलने के बाद भी सड़क पर जाम होने के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ पाते।
रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से स्थायी राहत के लिए आरओबी निर्माण का पिछले साल शिलान्यास किया गया था। हालांकि, अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।लोगों का कहना है कि आरओबी बनने से रेलवे फाटक पर निर्भरता कम होगी और बार-बार फाटक बंद होने के कारण लगने वाले जाम से राहत मिल सकती है। फिलहाल ट्रेनों के डायवर्जन के कारण 4 अक्टूबर तक बढ़े रेल यातायात के बीच रेलवे फाटक और सड़क जाम की समस्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी रहेगी।

भईया जी की रिपोर्ट
