बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत और बीजेपी की हार पर अपनी गलती मानते हुए उनके खुद के सीएम बनने से लेकर तमाम विषयों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और हम लोग बांकीपुर की हार पर मंथन कर रहे हैं। इस उपचुनाव में हम लोगों से गलती तो हुई है। हमारी सीट पर कोई और जीत रहा है, यह चिंता का विषय है। यह मेरे लिए भी अलार्मिंग है, इसलिए विचार करके पूरे सिस्टम को ठीक करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने खुद के सीएम बनने को लेकर तमाम तरह की बातों का जवाब भी दिया और कहा कि उनका मुख्यमंत्री बनना पूरी तरह भाजपा आलाकमान का अपना फैसला था। जहां तक पूर्व सीएम नीतीश कुमार की बात है, तो वे एनडीए के सम्मानित नेता हैं। उनकी भी सहमति रही। लेकिन सीएम का नाम तय करना भाजपा का अंदरुनी फैसला था और यही हुआ था।
एक सीट बिहार का मैंडेट नहीं होता
आगे बांकीपुर की हार पर बात करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि एक सीट पूरे बिहार का मैंडेट नहीं होता है। बिहार में इस तरह के उप-चुनाव होते रहे हैं। 2005 में नीतीश जी आए, और 2009 में उप-चुनाव हुए। 17 सीट में से 12 हार गए थे। लेकिन 12 सीट हार जाने के बाद भी अगले चुनाव में वे एनडीए को 206 सीट जीता कर आए। प्रशांत किशोर पर उन्होंने कहा कि बिहार का मैंडेट भागलपुर, पूर्णिया, मोतिहारी, शारन और शाहाबाद तय करता है। एक सीट तय नहीं करता है। प्रशांत किशोर विधायक बने हैं। उन्हें विधायक की तरह अच्छा काम करना काम करना पड़ेगा। जनता का मैंडेट इसलिए है कि काम करना पड़ेगा। हम लोग भी काम करेंगे, नहीं तो जनता को तय करना है।
व्यक्तिगत किसी से लड़ाई नहीं
जब सम्राट चौधरी से पूछा गया कि बांकीपुर में पीके ने आपको ही मुख्य टारगेट बनाया गया। पूरा चुनाव आपके इर्द-गिर्द घूमता रहा ऐसा क्यों? इसपर सम्राट चौधरी ने कहा कि मेरी किसी से व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है। मैं व्यक्तिगत राजनीति में यकीन भी नहीं करता। प्रशांत किशोर का बिना नाम लिए सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि पूरे चुनाव के दौरान उन्होंने कुछ बोला होगा। मैं व्यक्तिगत पर नहीं जाता, मेरी व्यक्तिगत किसी से लड़ाई नहीं है। इसलिए मैं व्यक्तिगत होता भी नहीं। वो बेचारा है। मेरे खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक लोग लड़ते हैं। कोर्ट तय करेगा, हम आप नहीं तय करेंगे। जिसको जो बोलना है बोलने दीजिए मैं काम करने के लिए बैठा हूं।