बिहार विधान परिषद के सभापति का पद जदयू कोटे में जाएगा। इसपर एनडीए की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा और दूसरे नंबर की पार्टी जदयू के बीच सहमति बन गई है। बिहार नीतीश कुमार के सत्ता से हटते ही बीजेपी ड्राइविंग सीट पर आ गई जिसके बाद से ही सभापति पद जदयू को देने की मांग हो रही थी। अभी मुख्यमंत्री समेत बिहार विधानसभा के स्पीकर और विधान परिषद का सभापति पद बीजेपी के ही पास है। लेकिन अब सभापति का पद जदयू को देने पर सहमति बन गई है और जल्द ही जदयू का कोई वरिष्ठ नेता इस पद को संभालेगा। मौजूदा सभापति भाजपा के अवधेश नारायण सिंह के पहले जदयू एमएलसी देवेश चन्द्र ठाकुर करीब दो साल तक विधान परिषद के सभापति रहे हैं। फिलहाल उनके सांसद रहने से सभापति पद पर किसी अन्य वरिष्ठ जदयू नेता को मौका दिये जाने की खबर है।
इस सीट पर जदयू की तगड़ी दावेदारी
दरअसल, नीतीश कुमार द्वारा सीएम पद छोड़ने के बाद से ही सियासी गलियारे में यह मांग उठ रही है कि अब बिहार विधान परिषद के सभापति जदयू कोटे से होंगा। बिहार में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष पद पहले ही बीजेपी के पास है। ऐसे में गठबंधन में संतुलन का नियम है कि विधानपरिषद का सभापति JDU कोटे से हों। यही कारण है कि जदयू की दावेदारी पर बीजेपी भी सहमत हो गई है। इससे पहले JDU कोटे से देवेश ठाकुर और हारुण रशीद विधान परिषद में सभापति रहे थे। हारुण रशीद जदयू द्वारा राजद-कांग्रेस के साथ सरकार बनाने के समय सभापति रहे थे। विदित हो कि विधानसभा में इस समय भाजपा के 88 और जदयू के 85 विधायक हैं। जबकि विधान परिषद में भाजपा के 25 और जदयू के 20 एमएलसी हैं।