नवादा : नगर स्थित धर्मशीला देवी हॉस्पिटल में चिकित्सकों की लापरवाही और हॉस्पिटल प्रबंधन की गैर जिम्मेदाराना क्रियाकलापों के विरुद्ध लड़ रहे आम नागरिकों की आखिर विजय हुई और शुक्रवार को जिला प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया। विदित हो कि इस हॉस्पिटल के विरुद्ध कई परिजनों ने संगीन आरोप लगाये थे जिसमें सदर विधायक विभा देवी भी शामिल हैं।

शिकायतों का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित उच्च स्तरीय जांच कमिटी द्वारा गहन जांच पड़ताल किया गया और अनियमितताओं की लंबी फेहरिस्त देखते हुए अंततः हॉस्पिटल को सील करने का आदेश दिया। इस हॉस्पिटल को सील कराने के लिए अड़े प्रभावित अभिभावकों ने कहा कि अंततः सत्य की विजय हुई है। हालांकि यह देर से लिया गया फैसला है किंतु स्वागत योग्य है।
विधायक विभा देवी ने कहा कि मेरी लड़ाई अपने लिए नहीं थी बल्कि उन गरीबों की लड़ाई थी जो इस हॉस्पिटल की लापरवाही के कारण अपने स्वजन खो चुके हैं और उन लोगों को भी जो इस हॉस्पिटल के द्वारा तबाह और बर्बाद होने से बच गए। विदित हो कि इसी वर्ष मार्च महीने में विधायक विभा देवी के पुत्र अखिलेश कुमार की मौत धर्मशिला देवी हॉस्पिटल के चिकित्सकों और प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण हुई थी।
इस संबंध में विधायक की शिकायत पर उच्च स्तरीय जांच कमिटी गठित कर सिलसिलेवार जांच की गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर हॉस्पिटल प्रबंधन को दोषी पाया गया और सीलबंद करने की प्रक्रिया शुक्रवार को संध्या में शुरू की गई जो देर शाम तक चलती रही। हॉस्पिटल पर हुए इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार ने संतोष व्यक्त किया है और कहा है कि प्रशासन द्वारा यह देर से लिया गया परंतु स्वागत योग्य कदम है।

भईया जी की रिपोर्ट
