नवादा : जिले के अकबरपुर प्रखंड वकसंडा पंचायत मुखिया विनोद कुमार की मनमानी कमने के बजाय बढ़ती जा रही है। वित्तीय अनियमितता में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा पदमुक्त किये जाने के मामले को उच्च न्यायालय में चुनौती के पुनर्वापसी के बाद इनकी मनमानी चरम पर है। ऐसे में अब अधिकारियों के आदेश को भी ठेंगा दिखा रहे हैं।

मामला स्वच्छता पर्यवेक्षक की नियुक्ति से जुड़ा है। पूर्व में मुखिया द्वारा नियुक्त स्वच्छता पर्यवेक्षक के चयन को चुनौती के बाद उप विकास आयुक्त ने पांच सदस्यीय टीम से जांच व जांच प्रतिवेदन के आलोक में पत्रांक 1817 दिनांक 18/08/26 को निरस्त कर एक माह के अंदर नियमानुसार चयन प्रक्रिया आरंभ करने का निर्देश दिया था। उप विकास आयुक्त के निर्देश के आलोक में पंचायत सचिव ने पत्रांक 20 दिनांक 24/0826 के द्वारा दिनांक 03/09/26 को आमसभा की सूचना अधिकारियों के साथ पंचायत के नागरिकों को दी थी।
मुखिया को यह नागवार लगा तथा उन्होंने एक सप्ताह बाद यानी आमसभा के तीन दिन पूर्व पत्रांक 19 दिनांक 31/08/26 के द्वारा आमसभा को अपरिहार्य कारणों से अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर उप विकास आयुक्त के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए ठेंगा दिखा दिया। मुखिया के इस प्रकार के कार्यकलापों की पंचायत के नागरिकों ने आलोचना करते हुए डीएम से हस्तक्षेप कर नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ कराने की गुहार लगायी है।
भईया जी की रिपोर्ट

