सीतामढ़ी के बेलसंड से LJP(R) विधायक अमित कुमार रानू के खिलाफ जालसाजी और रंगदारी के साक्ष्य मिलने का पुलिस ने दावा किया है। देर रात मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी देते हुए कहा कि विधायक अमित रानू और उनके भाई सोनू सिंह को जेसीबी से 25 लोगों के मकानों और बॉउंड्री को तोड़ने के मामले में गिरफ्तार किया जाएगा। दोनों के खिलाफ पुलिस न्यायालय में वारंट के लिए अर्जी देगी। पुलिस ने इसके लिए केस डायरी तैयार कर ली है। इसके लिए अदालत में वीडियो साक्ष्य भी पेश किए जाएंगे।

जमीन कब्जाने पहुंची थी भीड़
जानकारी के अनुसार बीते दिनों सीतामढ़ी के पड़ोसी मुजफ्फरपुर जिलांतर्गत अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां में जमीन पर कब्जे के लिए रंगदारी के मामले में विधायक का भाई पार्टी का झंडा लगी कार से पहुंचा था। बताया जा रहा था। इस दौरान उसके साथ 20 से अधिक बाइक और अन्य वाहनों पर 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे। पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर इन लोगों की पहचान कर रही है। आरोप है कि विधायक के भाई और उसके कुछ साथियों ने जबरन जेसीबी से जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। इस क्रम में इन लोगों ने वहा मारपीट भी की। पीड़ितों ने घटना का वीडियो बनाकर पुलिस को उपलब्ध कराया जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
विधायक और भाई नामजद
एसएसपी ने बताया कि पूरे प्रकरण में अब तक मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी दोनों जिलों में 25 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से आठ मामलों में विधायक अमित रानू और उनके भाई अभिनव उर्फ सोनू सिंह नामजद आरोपी हैं। इसके अलावा विधायक के घर छापेमारी के दौरान पुलिस के साथ अभद्र व्यवहार और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में भी अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसएसपी ने बताया कि मोबाइल लोकेशन से पता चला कि विधायक का भाई सोनू सिंह कच्ची-पक्की ओपी के भिखनपुरा में छिपा हुआ है। इसके आधार पर पुलिस ने वहां छापेमारी की जिस दौरान पुलिस के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। मामले में कच्ची-पक्की ओपी में संतोष और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इसके अलावा विधायक अमित रानू के खिलाफ रुन्नीसैदपुर थाने में रंगदारी, जबरन वसूली और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में पहले से मामला दर्ज है।
