बिहार ओपन स्कूल परीक्षा बोर्ड के उपनिदेशक अजय कुमार के ठिकानों से अकूत दौलत का खुलासा हुआ है। EOU के मुताबिक नौकरी के करीब 21 साल में अजय कुमार सिंह को कुल सैलेरी से 1.74 करोड़ रुपये मिले। लेकिन उनके पास करीब 10 करोड़ रुपए से भी अधिक की संपत्ति बरामद की गई है। EOU के अनुसार अजय कुमार के बेगूसराय और पटना स्थित आवास से लगभग 25.88 लाख नकद, 51.50 लाख रुपये के गहने, 18.50 लाख जमा वाले 8 बैंक खाते और नोटों की कई गड्डियां बदामद की गईं हैं। इसके अलावा उनके नोएडा सेक्टर 142 में एक फ्लैट का भी खुलासा हुआ है जिसके लिए 60 लाख का भुगतान किया गया था।
विदित हो कि बीते दिन EOU ने ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह के ठिकानों पर छापा मारा था। इस छापेमारी में करोड़ों रुपये की चल और अचल संपत्ति का पता चला है। EOU ने उनके खिलाफ 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपये की आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। यह रकम उनकी ज्ञात आय से करीब 90 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है। अजय सिंह के बेगूसराय में साहेबपुर कमाल के परोरा गांव स्थित पैतृक में करीब 9 घंटे तक तलाशी ली गई जिस दौरान साढ़े 15 लाख कैश बरामद किए गए। इसके अलावा करीब 9.50 लाख के जेवर भी मिले। EOU को जमीन से जुड़े 11 डीड, SBI की पासबुक और करीब 5.50 लाख रुपये के आभूषण खरीद से संबंधित छह रसीदें भी मिली।
अजय कुमार सिंह मूल रूप से परोरा गांव के रहने वाले हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पहले उनका पैतृक घर काफी साधारण था। लेकिन समय के साथ यह आलीशान बंगले में बदल गया। करीब 13 कट्ठे में फैले इस परिसर में प्रीमियम पत्थरों और संगमरमर का इस्तेमाल किया गया है। परिसर में कई महंगे वाहन और मशीनें भी मिली हैं। इनमें बोलेरो, दो JCB और दो ट्रैक्टर शामिल हैं। EOU अब इन वाहनों और मशीनों के कागजात की जांच कर रही है। यह भी दावा किया जा रहा है कि उनके पास पैतृक संपत्ति के अलावा 50 बीघा से अधिक उपजाऊ और व्यावसायिक जमीन है। बताया जा रहा है कि अजय कुमार सिंह ने सरकारी सेवा के दौरान अलग-अलग समय पर जमीन और अन्य संपत्तियों में निवेश किया। वह पहले मुंगेर में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी यानी DPO के पद पर भी तैनात रह चुके हैं।