गोपालगंज एसपी ने आज गुरुवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा ऐक्शन लेते हुए जादेपुर के थानेदार समेत 3 पुलिसकर्मियों को अरेस्ट कर जेल भेज दिया। एसपी ने यह कार्रवाई अवैध हिरासत, भ्रष्टाचार और उगाही के आरोप में की है। इस मामले में जादोपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों के साथ ही एक कथित बिचौलिए को भी गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार पुलिसकर्मियों की पहचान जादोपुर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम, पुलिस चौकीदार महंत कुमार यादव, पुलिस चालक राकेश कुमार तथा कथित बिचौलिया राजू यादव के रूप में की गई है।
एसपी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर की कार्रवाई
गोपालगंज एसपी विनय तिवारी ने मीडिया को बताया कि जादोपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष द्वारा कुछ लोगों को अवैध रूप से हिरासत में रखने और उनकी रिहाई के बदले पैसे मांगने का आरोप सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। गोपालगंज पुलिस की ओर से जारी बयान के अनुसार एसपी को 16 अगस्त को आरोपियों के खिलाफ शिकायत मिली थी। इसके बाद उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए। मुख्यालय डीएसपी ने आरोपों की जांच कर 18 अगस्त को अपनी रिपोर्ट सौंपी जिसमें मामले को सही पाया गया।
महिला और बेटी को अवैध हिरासत में रखा
जांच में यह पाया गया कि जादोपुर थाने में तीन पुरुषों के साथ ही एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी को 14 और 15 अगस्त को बिना प्राथमिकी दर्ज किए और आवश्यक कानूनी अनुमति के करीब 36 घंटे तक थाना परिसर में हिरासत में रखा गया था। एसपी ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें एक मामले में फंसाने की धमकी देकर बिचौलिए और कुछ ग्रामीणों के माध्यम से कथित तौर पर रुपये मांगे और उगाही की। एसपी ने बताया कि तत्कालीन थानाध्यक्ष और दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इसके साथ ही इस मामले बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले एक शख्स को भी गिरफ्तार कर किया गया है।