नवादा : नगर के एंजल मैटरनिटी अस्पताल की निदेशक डॉ. गिशु श्वेता ने अस्पताल में हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद उठे विभिन्न बिंदुओं पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि संस्थान पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित हो रहा है और अधिकांश आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल का निबंधन 21 मई 2025 तक वैध था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की नई नियमावली के तहत 40 बेड से कम क्षमता वाले क्लीनिकों के लिए निबंधन अनिवार्य नहीं रखा गया। बाद में 3 जून 2026 को नई नियमावली लागू हुई, जिसके अनुसार सभी संस्थानों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निबंधन कराना है। नियम में यह भी स्पष्ट है कि पोर्टल शुरू होने की तिथि से तीन माह के भीतर आवेदन करना होगा।
डॉ. श्वेता का कहना है कि अब तक संबंधित ऑनलाइन पोर्टल ही शुरू नहीं किया गया है, इसलिए आवेदन की प्रक्रिया लंबित है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की उपलब्धता पर उन्होंने कहा कि अस्पताल में ऑपरेशन के समय एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ऑन-कॉल आते हैं। इसकी पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) के निर्देश पर डॉ. आफताब कलीम से एनेस्थेटिक सेवा के संबंध में बातचीत भी कराई गई-नहीं थी।
डॉ. श्वेता ने कहा कि जांच के दौरान अस्पताल प्रबंधन से किसी प्रकार का प्रमाणपत्र नहीं मांगा गया। उन्होंने बताया कि संस्थान के पास 30 जून 2027 तक वैध अग्निशमन (फायर सेफ्टी) प्रमाणपत्र उपलब्ध है। वहीं जैव-चिकित्सा अपशिष्ट (बायो मेडिकल वेस्ट) निपटान का प्रमाणपत्र भी 2 दिसंबर 2026 तक वैध है। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं तथा आवश्यक सेवाओं के लिए प्रशिक्षित फार्मासिस्ट भी कार्यरत हैं। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि वह सभी सरकारी नियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए सदैव तैयार है।
भईया जी की रिपोर्ट