नवादा : जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पुनर्वसु नक्षत्र की समाप्ति व पुष्य नक्षत्र का प्रवेश के लम्बे इंतजार बाद रविवार शाम करीब चार बजे से आरंभ हुई रिमझिम बारिश ने किसानों की बूझती आंखों में फिर से उम्मीद की मुस्कान लौटा दी है। लंबे समय से पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे किसान अब धान की रोपनी की तैयारी में तेजी से जुट गए हैं।
रोपनी की तिथियां तय करने में जुटे किसान
सुबह से ही कई किसान अपने-अपने धान की नर्सरी (मोरी) वाले खेतों का निरीक्षण करते नजर आए, ताकि खेतों में नमी और पानी की स्थिति का सही आकलन कर रोपनी की तिथि तय की जा सके। पिछले कई दिनों से बारिश न होने के कारण किसान काफी चिंतित थे। धान की तैयार नर्सरी खेतों में ही सूखी पड़ी थी और पर्याप्त पानी न मिलने से रोपनी की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही थी। रविवार की देर शाम से आरंभ हुई बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे किसानों को अब जल्द से जल्द रोपनी पूरी होने की आस जगी है।
मौसम अनुकूल रहा तो जल्द शुरू होगी रोपनी
कझिया गांव के किसान मनोज सिंह ने बताया कि बारिश आरंभ होने के बाद खेती-किसानी को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है। उन्होंने अपने मोरी वाले खेत का जायजा लिया। उनका कहना है कि यदि अगले एक-दो दिनों तक मौसम ऐसा ही अनुकूल रहा तो धान की रोपनी बड़े पैमाने पर शुरू कर दी जाएगी। किसानों का मानना है कि यदि समय पर अच्छी बारिश होती रही तो इस वर्ष धान की पैदावार काफी बेहतर रहने की संभावना है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि धान की सही रोपनी के लिए खेतों में पर्याप्त नमी बेहद आवश्यक है। उन्होंने किसानों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखते हुए समय पर रोपनी पूरी करने और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी है, ताकि पौधों को कोई नुकसान न पहुंचे।
भईया जी की रिपोर्ट