पटना/भोपाल : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित भोपाल नोबल्स विश्वविद्यालय में महाकवि कालिदास जयंती तथा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की इकाई संगीत नाटक अकादमी, सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण संस्थान, नई दिल्ली तथा भोपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के कुंभा सभागार में किया गया। इस अवसर पर 15 जुलाई को ‘द परफॉर्मेंस कल्चरल सोसाइटी’ के कलाकारों ने डॉ. लईक हुसैन द्वारा लिखित एवं प्रबुद्ध पांडे के निर्देशन में तैयार नाटक ‘आजादी’ का प्रभावशाली मंचन किया। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की भावना और आजादी के संघर्ष को मंच पर जीवंत कर उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ कलामर्मज्ञ एवं संस्कृतिकर्मी प्रो. श्रीनिवासन अय्यर, विद्या प्रचारिणी सभा के मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह राठौड़, सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी संकाय की अधिष्ठाता प्रो. माधवी राठौड़, सह-अधिष्ठाता डॉ. हेमेन्द्र सिंह शक्तावत तथा विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो. ऋतु तोमर द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। स्वागत भाषण प्रो. माधवी राठौड़ ने दिया, जबकि कार्यक्रम की उद्घोषणा नाट्य निर्देशक प्रबुद्ध पांडे ने की। विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन मानद कर्नल प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत, प्रबंध निदेशक मोहब्बत सिंह राठौड़, प्रेसिडेंट प्रो. चेतन सिंह चौहान तथा कुलसचिव डॉ. निरंजन नारायण सिंह राठौड़ ने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
कार्यक्रम की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से हुई, जिसके बाद राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष संध्या पुरैचा का ऑडियो संदेश भी प्रसारित किया गया। अतिथियों ने नाट्य कलाकारों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। नाटक में गीतिशा पांडे, हुसैन आरसी, दिव्यांशु नागदा, दिव्यांश पालीवाल, विक्रम सिंह राठौड़, पीयूष जैन, महिमा शर्मा एवं सबा परवेज ने प्रभावशाली अभिनय किया। ध्वनि संयोजन क्षिप्रा चटर्जी तथा वेशभूषा संयोजन डॉ. अनुकम्पा लईक ने संभाला।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीषा शेखावत ने किया। समापन पुनः ‘वंदे मातरम्’ एवं राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ। कार्यक्रम संयोजक डॉ. हुसैनी बोहरा ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य राष्ट्रभावना, सांस्कृतिक विरासत और भारतीय नाट्य परंपरा के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया तथा उपस्थित प्रबुद्धजनों ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट