नवादा : गया–हावड़ा एक्सप्रेस की एसी बोगी में दरोगा दंपति के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद रेल पुलिस पूरी तरह अलर्ट नजर आई। ट्रेन संख्या 13024 गया–हावड़ा एक्सप्रेस में सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में काफी सख्त कर दी गई। नवादा स्टेशन पर एसी कोचों में स्थानीय और बिना टिकट यात्रियों की एंट्री रोक दी गई, जिससे वहां स्थिति नियंत्रित दिखी। हालांकि स्लीपर कोचों में हालात जस के तस बने रहे, जहां भारी भीड़ और अव्यवस्था जारी रही।
नवादा से हावड़ा के बीच यह एकमात्र सीधी ट्रेन होने के कारण हजारों यात्रियों की मजबूरी बनी हुई है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी ट्रेन से सफर करते हैं। किऊल तक स्लीपर कोचों में इतनी भीड़ हो जाती है कि आरक्षित टिकट वाले यात्रियों को अपनी सीट तक पहुंचने और बैठने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। यात्रियों का आरोप है कि नियमित जांच और सख्ती के अभाव में बिना आरक्षण यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
रविवार को गया स्टेशन से कोच संख्या बी-1 की बर्थ संख्या 29, 30 और 32 पर सवार हरिओम शर्मा अपनी पत्नी पूजा कुमारी और उनके पिता सूरज शर्मा के साथ साहिबगंज जा रहे थे। इसी दौरान नवादा स्टेशन पर एक युवक बिना टिकट एसी कोच में चढ़ गया और सीट को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि इसके बाद युवक ने काशीचक स्टेशन पर अपने साथियों को बुला लिया। पीड़ित के अनुसार करीब 10 लोग ट्रेन में घुस आए और उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद किऊल जीआरपी थाना में हरिओम शर्मा ने 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। वे गया जिले के बागेश्वरी कॉलोनी के निवासी हैं।
घटना के बाद एसी कोचों में सुरक्षा बढ़ा दी गई, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि यदि पहले से प्रभावी निगरानी होती तो क्या इस घटना को रोका जा सकता था? इन सब के बावजूद स्लीपर कोचों में भीड़ और बिना टिकट यात्रियों की आवाजाही जारी रही, जिससे यात्रियों में नाराजगी देखी गई। इससे रेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जीआरपी नवादा के थानाध्यक्ष बृजनंदन निराला ने बताया कि पीड़ित के आवेदन पर 10 अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
मामले की जांच की जा रही है और आरोपितों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है। यात्रियों का कहना है कि जिस तरह घटना के बाद एसी कोचों में सख्ती दिखाई गई है, उसी तरह स्लीपर कोचों में भी नियमित जांच, बिना टिकट यात्रियों पर कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। उनका मानना है कि तभी आरक्षित टिकट लेकर सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी।
भईया जी की रिपोर्ट