बिहार में राज्य की सड़कों और पुलों के लिए नई टोल नीति की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके तहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज मंगलवार को बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बिहार में स्टेट हाईवे पर प्रस्तावित टोल टैक्स के दायरे से निजी वाहन यानी प्राइवेट व्हीकल्स बाहर रहेंगे। यानी अब निजी गाड़ियों से टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा। सिर्फ कमर्शियल गाड़ियों पर ही टोल लगेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि नेशनल हाईवे की तर्ज पर बिहार में स्टेट हाईवे पर भी अब राज्य सरकार टोल टैक्स वसूल करेगी। इसकी पहले से कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है। इसके अनुसार अब राज्य में टोल टैक्स प्रति किलोमीटर की दर से वसूला जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस नई टोल नीति में बिहार सरकार ने किसानों और आम लोगों को भी बड़ी राहत दी है।
नई टोल नीति में दोपहिया, तिपहिया, ट्रैक्टर और कंबाइन हार्वेस्टर जैसे वाहनों को टोल टैक्स से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। वहीं इस नीति में टोल नियमों का उल्लंघन करने पर तय शुल्क का 3 गुना तक जुर्माना लगाने का भी प्रावधान किया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि टोल टैक्स सिर्फ उन्हीं रास्तों पर लागू होगा, जहां वैकल्पिक मार्ग की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, पशु चालित वाहनों को भी टोल से छूट दी गई है। इस नीति के तहत यादि सर्विस रोड होने पर भी आपने मुख्य मार्ग से सफर किया तो टोल देना होगा। यानी यदि किसी राजमार्ग, पुल या सुरंग के पास सर्विस रोड बनी हुई है, लेकिन वाहन मालिक उसका उपयोग न कर मुख्य टोल मार्ग का उपयोग करते हैं, तो उन्हें कार शुल्क का 50% हिस्सा टोल के रूप में देना होगा। यह नियम विशेष रूप से दोपहिया और अन्य छूट प्राप्त वाहनों पर लागू होगा। नियमों का पालन न करने या उल्लंघन की स्थिति में निर्धारित टोल राशि का तीन गुना जुर्माना वसूला जाएगा।