नवादा : राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत दो महीने 6 दिन के मासूम मोनू को नयी जिंदगी दी जाएगी। जिला समन्वयक आरबीएसके डीसी डॉ रश्मि कुमारी के द्वारा दिये गये जानकारी के अनुसार मासूम मोनू जिले के कशीचक प्रखंड के डेढ़गांव निवासी चिंटू पासवान के पुत्र है। वो अभी मात्र दो महीने 6 दिन का है जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहा है। ईलाज के दौरान जाँच में पता चला की बच्चा मैक्रोसेफली बीमारी से ग्रसित है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से मिलेगा मुफ्त इलाज
बच्चे का सर जन्म से बड़ा होता है जो आगे चलकर जानलेवा साबित होता है जिसके इलाज के लिए उसे जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से जांच के बाद पटना भेजा गया और पटना में जांच के बाद उसे अहमदाबाद बेहतर इलाज के लिए भेजा जाएगा। जानकारी के अनुसार इलाज के दौरान लाखों का खर्च आता है जो पेरेंट्स को बिल्कुल निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।
प्रत्येक बुधवार को क्लेफ्ट का होता है ईलाज
राष्ट्रीय बाल हृदय संरक्षण के तहत प्रत्येक बुधवार को सदर अस्पताल में जन्म से क्लेफ्ट फुट यानी जन्मजात टेढ़े मेढ़े पैर का इलाज किया जा रहा है। इस बात की जानकारी डॉक्टर रश्मि कुमारी ने दी। उन्होंने बताया कि यह सारी सुविधा स्वास्थ्य विभाग की ओर से नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। अगर ज्यादा प्रॉब्लम होती है तो उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया जाता है जहां उन्हें आने जाने की सुविधा शुल्क उपलब्ध कराई जाती है।
जिला समन्वयक आरबीएसके डीसी का कहना है कि शून्य से 18 साल तक के बच्चों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। यह सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है। पीड़ित को घर से लेकर हायर सेंटर और हायर सेंटर से लेकर घर तक आने-जाने रहने खाने की सारी सुविधाएं सरकार के द्वारा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। बच्चों में किसी प्रकार का हृदय या अन्य तरह के रोग से पीड़ित रोगियों को यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. (डॉ रश्मि कुमारी,
भईया जी की रिपोर्ट