नवादा : जिले में मौसम की बेरुखी का सीधा असर इंसानों के साथ-साथ प्रवासी पक्षियों पर भी देखने को मिल रहा है। गर्मी के कारण इनका भी जीना मुहाल है। ऐसी मान्यता है कि जब ये पक्षी आते है तो मानसून का आगमन होता है।मगर इस बार मौसम की बेरुखी इसे गलत साबित कर रही है। हर किसी को मानसून का इन्तजार है।
फिलहाल आर्द्रा नक्षत्र चल रहा है। आर्द्रा नक्षत्र भी लगभग आधी दूरी तय कर लिया लेकिन बारिश का कहीं दूर दूर तक आता पता नहीं है। अब भी आसमान से आग के गोले बरस रहे हैं। सुबह सात बजते-बजते घरों से निकलना मानों मौत को दावत देना है। दिन तो दिन रात की निंद हराम हो गयी है। बिजली विभाग भी आग में घी डालने का काम कर रही है। बिजली रानी कब आएगी कब जायेगी कहना मुश्किल है।
कृषि पंडित घाघ कहते हैं
“आवत आदर ना कियो, जात दियो न हस्त।।
ये दोनों पछतात हैं पाहुन और गृहस्थ।।
यानी आर्द्रा नक्षत्र आते के साथ नहीं बर्षा और हस्त नक्षत्र जाते नहीं तो खरीफ फसल की संभावना नहीं के बरावर रहती है।
आगे कहते हैं
आर्द्रा चौथ, मघा पंचक। यानी आर्द्रा बर्षा तो आगे के चार नक्षत्रों में अच्छी बारिश होनी तय है। मघा वर्षा तो आगे के पांच नक्षत्रों में बारिश होनी तय है।