दो दिन पहले राजगीर में हुई मॉब लिंचिंग के मामले में पुलिस ने 3 साधुओं को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई एक वीडियो के आधार पर कार्रवाई की है जिसमें झुनकिया बाबा मंदिर के समीप एक युवक को पकड़कर कुछ लोग बेरहमी से पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में युवक लगातार रहम की भीख मांगता नजर आ रहा है, लेकिन भीड़ उसकी एक नहीं सुनती और डंडों से पिटाई करती रहती है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने इसमें दिखाई दे रहे लोगों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। फिलहाल ये सभी फरार बताए जा रहे हैं। इधर नालंदा एसपी ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी के गठन का आदेश दिया है।
15 जून को हुई थी मॉब लिंचिंग
जानकारी के अनुसार नालंदा के राजगीर में झुनकिया बाबा मंदिर के के पास करीब तीन दिन पूर्व 15 जून को चोरी के आरोप में पकड़े गए दो युवकों की भीड़ द्वारा जमकर पिटाई की गई थी। बाद में गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने इसे मॉब लिंचिंग में चोरों की पिटाई में मौत का मामला मानकर जांच शुरू की। लेकिन अब इसी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियो ने पुलिस की जांच और कार्रवाई पर कई सवाल खड़े कर दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि वीडियो में साफ तौर पर मारपीट दिखाई दे रही है, जबकि पुलिस अब तक आरोपियों की पहचान करने की बात कह रही थी। मृतकों की पहचान दीपनगर थाना क्षेत्र के गंजपर निवासी अमरदीप पासवान के 22 वर्षीय पुत्र पिंटू पासवान और नरेश पासवान के 22 वर्षीय पुत्र श्रवण कुमार के रूप में हुई है। दोनों मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।
वहीं मृतक दोनों युवकों के परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दोनों युवकों का किसी भी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं था। परिजनों के अनुसार, गांव के कुछ लोग उन्हें मेला घुमाने के बहाने अपने साथ ले गए थे और बाद में चोर बताकर उनकी पिटाई कर दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई। फिलहाल नालंदा के पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर मामले में दोषियों को किसी भी हाल में नहीं बख्शने की बात एसपी ने कही है।