नवादा : खनन निरीक्षक संतोष कुमार झा द्वारा रजौली व नेमदारगंज थाने में इंट्री माफियाओं के विरुद्ध एक के बाद एक दर्ज करायी गयी प्राथमिक में बड़ा झोल है। प्राथमिकी के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि यह हताशा व दुर्भावना से ग्रस्त होकर उठाया गया कदम है। वैसे में इसकी गहन जांच की आवश्यकता है। आश्चर्य यह कि हर प्राथमिकी में एकमात्र वाहन को पकड़ते हैं, चालक फरार हो जाता है लेकिन चालक का मोबाइल गिर जाता है।
मोबाइल में उन्हें इंट्री माफियाओं का नम्बर मिलता है और नामजद प्राथमिकी दर्ज करा दी जाती है। और तो और हर वाहन को जबरन छुड़ाने के लिए इंट्री माफियाओं की टीम आ जाती है लेकिन कोई प्रतिरोध नहीं होता। अब सबसे बड़ा सवाल आये दिन बालू व दारु माफियाओं द्वारा पुलिस बल पर हमला किया जाता है यहां तक कि पुलिस अधिकारी पर वाहन चढ़ाकर हत्या का प्रयास तक किया जाता है लेकिन इंट्री माफियाओं द्वारा काफी संयम से काम लिया जाता है।
इससे यह स्पष्ट होता है कि कहीं न कहीं दाल में काला है। मामले की निष्पक्ष जांच हुई तथा खनन निरीक्षक का मोबाइल जांच किया गया तो बहुत बड़े मामले का खुलासा होना तय माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार खनन निरीक्षक द्वारा दर्ज कराई गयी प्राथमिकी के विरुद्ध पटना उच्च न्यायालय में चुनौती की तैयारियां आरंभ कर दी गयी है।
भईया जी की रिपोर्ट