बिहार का जेन Z यानी युवा वर्ग काफी गुस्से में है। विगत सालों में कई परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य तरह की लापरवाहियों तथा गोलमाल से आक्रोशित युवा आज सोमवार को एक बार फिर पटना की सड़कों पर उतरे। राजधानी में आज
दारोगा भर्ती परीक्षा को रद करने की मांग को लेकर पटना कॉलेज से जेपी गोलंबर तक मार्च निकाला। जेपी गोलंबर पर छात्रों का भारी प्रदर्शन जारी है। पेपर लीक का आरोप लगाते हुए छात्र दारोगा मुख्य परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग और वाटर कैनन तैनात किया है। बिहार पुलिस की दारोगा परीक्षा का प्रश्न पत्र कथित रूप से लीक होने का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों ने आक्रोश मार्च के दौरान जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए।
आज सोमवार को बड़ी संख्या में दारोगा अभ्यर्थी पटना कॉलेज परिसर से हाथ में बैनर-पोस्टर लेकर निकले। जेपी गोलंबर तक पहुंचकर उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। प्रदर्शन को देखते हुए जेपी गोलंबर पर बड़ी संख्या में पुलिस मुस्तैद थी। छात्र लगातार ‘मेन्स परीक्षा रद करो’ के नारे लगा रहे थे। जेपी गोलंबर पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने का भी प्रयास किया। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से वे इसमें सफल नहीं हो सके। छात्रों का आरोप था कि 27 मई को 1799 पदों के लिए हुई मुख्य परीक्षा का पेपर लीक हो गया था।
छात्र नेता सौरभ कुमार ने बताया कि पेपर रद करने की मांग को लेकर हम प्रदर्शन कर रहे हैं। मामले में गया से कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। प्रदर्शनकारी इस मामले की निष्पक्ष जांच, रिपोर्ट सार्वजनिक करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों का सवाल है कि उनके आवेदनों का क्या हुआ। इस संबंध में ईओयू को दिए गए आवेदनों की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। सीएमओ, डीजीपी को दिए आवेदन की भी कोई रिपोर्ट उन्हें नहीं मिली है। वे न्याय की मांग कर रहे थे और जब कोई रास्ता नहीं बचा तो वे सड़क पर आ गए हैं। विदित हो कि बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की तरफ से राज्य के पांच केंद्रों पर हुई परीक्षा में करीब 36 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे।