अरवल – कलेर प्रखंड के चंदा गांव में भागवत ज्ञान सप्ताह यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। भागवत सप्ताह के दौरान कथावाचक के रूप में स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज बराह मुंडेरा स्थान के द्वारा किया जा रहा है भागवत सप्ताह का आयोजन डॉक्टर विजय कुमार सिंह के द्वारा अपने मकान परिसर में कराया जा रहा है शनिवार की शाम कथा पीठ पर बैठे स्वामी जी महाराज ने कहा की तृष्ना मनुष्य के समक्ष राक्षस के समान है भगवान का दर्शन केवल तीर्थ पर जाकर नहीं किया जा सकता उनको पाने के लिए शुद्ध मन से उनका स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा ही उनसे मिलने का उत्तम मार्ग है अंग अंग में पवित्रता लाने के लिए नियम और विधान का होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अगर मनुष्य का दृष्टि विषाक्त होगा तो संसार भी गलत दिखेगा ज्ञान दृष्टि के अभाव में कल्पनाएं सकार नहीं होती है भगवान श्री कृष्ण के द्वारा पूतना का उद्धार पर विस्तृत रूप से चर्चा करते हुए बताया कि पूतना की बद्ध की कथा श्रीमद् भागवत पुराण और कृष्ण लीला का एक महत्वपूर्ण प्रसंग है कंश ने अपने काल का वध करने के लिए मायावी राक्षसी पूतना को गोकुल भेजा था क्योंकि कंस को आकाशवाणी से यह ज्ञात हुआ था कि देवकी का आठवां पुत्र ही उसका वध करेगा और उसने गोकुल में जन्मे सभी नवजात शिशुओं को मारने का आदेश दिया था इसी कारण से उसने पुराना नामक राक्षसी को चयन किया जो छोटे बच्चों को मारने में निपुण थी।
पूतना एक अत्यंत सुंदर और मनमोहक स्त्री के रूप में भगवान श्री कृष्णा की हत्या के उद्देश्य से पहुंची और शिशु रुपया श्री कृष्ण को अपने गोद में ले ली और उन्हें स्तनपान कराने लगी उसके स्तनों पर कालकूट नामक भयानक विष लगा हुआ था लेकिन भगवान कृष्ण ने उसके दूध के साथ-साथ उसके प्राण भी चूसने लगे प्राण निकलते ही पूतना अपनी असली और विशाल और डरावने रूप में आ गई दर्द से चीखते चिल्लाते गोकुल से बाहर भागी और वही गिरकर उसके प्रांण पखेरू निकल गए, हालांकि पूतना भगवान कृष्ण को मारने के उद्देश्य से गई थी फिर भी उसने भगवान को अपने गोद में लेकर स्तनपान कराई इस मातृत्व भाव के कारण भगवान कृष्ण ने अपनी माता के समान हीं दिव्य गति प्रदान किया कथा वाचन के दौरान ही भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप का भक्ति भाव के साथ पूजन अर्चन किया गया।
इस अवसर पर जय कन्हैया लाल की मदन गोपाल की की जयकारे से पूरा आसपास का इलाका में भक्तिमय का वातावरण कायम रहा इस अवसर पर कथा पीठ के समक्ष भक्तिमय भजनों का भी गायन प्रसिद्ध कलाकार मनीष कुमार और अवधेश शर्मा के द्वारा किया गया। इस दौरान लोग इनके भक्ति गीतों के सरोवरों में गोता लगाते रहे इस अवसर पर स्थानीय नाथून शर्मा, संजय शर्मा ,जगेश शर्मा, मोटर बाबा, वेद प्रकाश शर्मा, एनी भूषण शर्मा के अलावे काफी संख्या में श्रद्धालु नर नारी भक्ति उपस्थित थे।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट