मधुबनी। पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 419 किलोग्राम गांजे के साथ मुख्य आरोपी बिनोद सहनी समेत चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.20 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस मामले में पुलिस महकमे के अंदर भी बड़ी कार्रवाई हुई है, जिसमें बासोपट्टी थानाध्यक्ष और एक एसआई (SI) को निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तस्करों द्वारा भारी मात्रा में गांजे की खेप ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कौआहा गांव के समीप कटैया रोड पर विशेष छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर जब उसकी जांच की गई, तो उसमें से 419 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से ही मुख्य आरोपी बिनोद सहनी सहित चार लोगों को दबोच लिया।
इस पूरे रैकेट की प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले और शर्मनाक खुलासे हुए हैं। जांच के दौरान बासोपट्टी थाना के डायल-112 वाहन के चालक की तस्करों के साथ संलिप्तता सामने आई है। चालक पर आरोप है कि वह पुलिस की आवाजाही पर नजर रखकर गांजा तस्करों को ‘लाइन’ (सुरक्षित रास्ता) देने का काम कर रहा था। मामले की गंभीरता और पुलिसकर्मियों की लापरवाही को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) योगेंद्र कुमार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है।
ड्यूटी के दौरान डायल-112 वाहन में तैनात सब-इंस्पेक्टर (SI) को अनुपस्थित पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही, बासोपट्टी थानाध्यक्ष विकास कुमार को भी कार्य में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। एसपी योगेंद्र कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अवैध कारोबार या मादक पदार्थों की तस्करी में किसी भी स्तर पर पुलिसकर्मी की संलिप्तता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई होगी।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मिथिला प्रक्षेत्र के डीआईजी मनोज कुमार तिवारी स्वयं बासोपट्टी थाना पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की गहन समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ कर आगे की जांच के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। फिलहाल, पुलिस और जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि गांजे की यह बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस को इस अंतरराज्यीय नेटवर्क में कई और सफेदपोशों के शामिल होने का अंदेशा है।