जमुई। बिहार सरकार की खेल एवं उद्योग मंत्री तथा जमुई विधायक श्रेयसी सिंह ने कहा है कि बिहार के साथ-साथ जमुई जिले का सर्वांगीण विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून 2026) के अवसर पर “केवल सच” मासिक पत्रिका के विशेष प्रतिनिधि प्रो. रामजीवन साहु द्वारा पौधा एवं पत्रिका भेंट किए जाने पर उन्होंने यह बात कही। श्रेयसी सिंह ने कहा कि वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्हें 1,23,868 मत प्राप्त हुए, जो वर्ष 2020 की तुलना में काफी अधिक हैं। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय जनता के विश्वास, सहज उपलब्धता, ईमानदारी, परिश्रम और जनसेवा के प्रति समर्पण को दिया।
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जमुई जिले में सड़क, पुल-पुलिया तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए 1,213 करोड़ रुपये की योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। वहीं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए तीन लाख एवं पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता, नए प्रायोजन (स्पॉन्सरशिप) पोर्टल तथा “मेडल लाओ, नौकरी पाओ” जैसी योजनाओं का विस्तार किया गया है।उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन, उद्योगों को बढ़ावा देने तथा जमुई में आधुनिक खेल सुविधाओं, विशेषकर शूटिंग रेंज के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि 18 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने 914 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया था। इनमें 602 करोड़ रुपये की 181 योजनाएं तथा 312 करोड़ रुपये की 189 नई योजनाएं शामिल थीं। इसी अवसर पर कुंडघाट जलाशय परियोजना का भी उद्घाटन किया गया। जमुई स्थित ऐतिहासिक राजा रावणेश्वर हॉल का हाल ही में जीर्णोद्धार किया गया है, जिसका उद्घाटन 4 जून 2026 को मंत्री श्रेयसी सिंह ने किया। यह भवन जिले की सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।
श्रेयसी सिंह देश की प्रतिष्ठित निशानेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने वर्ष 2018 में Commonwealth Games में महिला डबल ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। उत्कृष्ट खेल उपलब्धियों के लिए उन्हें वर्ष 2018 में Arjuna Award से सम्मानित किया गया था। जैन धर्म की दृष्टि से भी जमुई का विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार नौवें तीर्थंकर भगवान सुविधिनाथ और 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर से जुड़े पावन स्थलों के कारण यह जिला धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण पहचान रखता है।
प्रो. रामजीवन साहु की रिपोर्ट