पूर्वी चंपारण के शिकरगंज थाना क्षेत्र से लापता चार नाबालिग लड़कियों को पुलिस ने बरामद कर उन्हें ले जा रहे एक मौलवी को गिरफ्तार किया है। मामले में गिरफ्तार मौलवी का नाम असफाक बताया जाता है और उसपर आरोप है कि उसने लव जिहाद के तहत लड़कियों को फांसा, उन्हें बहकाया और फिर मानव तस्करों के नेटवर्क को बेचने की तैयारी कर ली। मौलवी पर आरोप है कि उसने लड़कियों को प्यार, शादी, बेहतर जिंदगी और विदेश यात्रा का लालच देकर अपने जाल में फंसाया। बताया जाता है कि दो दिन पूर्व सिकरहना अनुमंडल के शिकरगंज थाना क्षेत्र से अचानक चार नाबालिग लड़कियों के लापता होने की खबर सामने आई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की तो एक पूरे सुनियोजित लव—जिहाद और मानव तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ।
जानकारी के अनुसार 4 नाबालिग लड़कियों के लापता होने की सूचना के बाद मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने सडीपीओ के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया। टीम ने गुप्त सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ढाका थाना क्षेत्र के करसहिया गांव से आरोपी मौलवी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसकी निशानदेही पर चारों नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बरामद किया गया। आरोपी के घर से एक लड़की का मोबाइल भी बरामद हुआ है। जांच में सामने आया कि आरोपी करसहिया, ढाका थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वह पहले पीड़ित बच्चियों के गांव के मदरसे में पढ़ाता था। इसी दौरान उसकी एक 10वीं की छात्रा से नजदीकियां बढ़ी। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि मदरसे में आने के बाद से ही मौलवी की नजर उस पर थी। वह उसे अलग से पढ़ाता था और कहानियां सुनाकर अपने जाल में फंसाता था।
पीड़िता के मुताबिक धीरे-धीरे आरोपी ने उसका मोबाइल नंबर ले लिया और फोन पर बात शुरू हो गई। इसके बाद आरोपी ने पहली लड़की की सहेली को भी अपने झांसे में ले लिया। वह पहली लड़की के सामने उसे साली कहता था, लेकिन अकेले में उससे भी बात करता था। जब परिजनों को शक हुआ तो मौलवी को मदरसे से हटा दिया गया, लेकिन वह फोन के जरिए लड़कियों से जुड़ा रहा। जांच में सामने आया है कि आरोपी लड़कियों को बेहतर जिंदगी, शादी और विदेश यात्रा के सपने दिखाकर बहला-फुसला रहा था। मामले में बड़ा खुलासा तब हुआ जब बरामद की गई एक छात्रा ने पुलिस को बताया कि उसने आरोपी को फोन पर किसी व्यक्ति से यह कहते हुए सुना था कि लड़कियों को कहीं ले जाकर बेच दिया जाएगा। इस जानकारी के बाद पुलिस को मानव तस्करी की आशंका हुई और जांच का दायरा बढ़ाकर मौलवी को दबोच लिया गया।