गोपालगंज के मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डुमरिया घाट के पास गंडक नदी पार करने के दौरान तीन किशोरियां गहरे पानी में डूब गईं। ये तीनों किशोरियां रोज की तरह उस पार स्थित अपने खेत में काम करने जा रही थीं, इसी क्रम में नदी पार करने के दौरान वे बीच धार से लापता हो गईं। नदी में उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। हादसे के बाद इलाके में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया लेकिन खराब मौसम के कारण अब तक उन किशोरियों की बॉडी बरामद नहीं हो सकी है।
खेत में काम करने जा रही थीं किशोरियां
जानकारी के अनुसार तीनों किशोरियां अपनी मां के साथ रोजाना की तरह खेती-बारी के काम से गंडक नदी के उस पार जा रही थीं। इसी दौरान नदी पार करते समय जब वे तैरकर जा रही थीं, तभी गहराई का अंदाजा नहीं मिलने के कारण वे तेज बहाव वाली धारा में चली गईं। गहराई अधिक होने के कारण बच्चियां पानी के तेज बहाव का अंदाजा नहीं लगा सकीं और गहरे पानी में डूब गईं। मां के सामने ही देखते ही देखते तीनों बेटियां नदी की तेज लहरों में विलीन हो गईं। मां के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आस-पास के खेतों में काम कर रहे लोग दौड़े। लेकिन तब तक तीनों किशोरियां पानी में काफी दूर बह चुकी थीं।
NDRF-SDRF की टीमें तैनात
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ डुमरिया घाट पर जमा हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को मौके पर रवाना किया गया। मोहम्मदपुर के थानाध्यक्ष चंदन कुमार भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू की कमान संभाली। स्थानीय गोताखोरों और एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की मदद से लापता किशोरियों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बचाव कार्य में सबसे बड़ी चुनौती इस समय का मौसम और नदी की स्थिति बनी हुई है। इलाके में हो रही भारी बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और पानी का बहाव बेहद तेज है। इस हादसे ने पूरे डुमरिया घाट और आस-पास के गांवों को झकझोर कर रख दिया है। पीड़ित परिवार के घर पर सांत्वना देने वालों की भीड़ लगी है।