नवादा : प्राकृतिक सौंदर्य और ठंडे जलप्रपात के लिए प्रसिद्ध जिले का कश्मीर ककोलत जलप्रपात इन दिनों बढ़ी प्रवेश शुल्क और पार्किंग दरों को लेकर चर्चा में है। शुल्क में कई गुना बढ़ोतरी के बाद यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी कमी देखी जा रही है, जिसका सीधा असर अकबरपुर और फतेहपुर बाजार के छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है।
पर्यटकों की संख्या में लगातार आ रही कमी
दुकानदारों ने बताया कि पहले चैत से सावन तक लाखों पर्यटक ककोलत पहुंचते थे जिससे बाजारों में रौनक रहती थी और छोटे व्यापारियों की अच्छी कमाई हो जाती थी। लेकिन अब बढ़े शुल्क के कारण लोग घूमने आने से बच रहे हैं। ठंडा पेय, गन्ने का रस, नाश्ता तथा मीट-मछली बेचने वाले दुकानदारों ने बताया कि उनकी आमदनी आधी से भी कम हो गई है। पहले सप्ताहांत में बाजार देर रात तक गुलजार रहता था, लेकिन अब दुकानें जल्द बंद हो रही हैं। व्यवसायियों के अनुसार सबसे अधिक परेशानी बाइक से आने वाले सैलानियों को हो रही है।
बाइक सवारों पर सबसे ज्यादा असर
आरोप है कि शनिवार और रविवार को बाइक पार्किंग के नाम पर 200 रुपये तथा अन्य दिनों में 100 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। ऐसे में युवाओं और परिवारों का घूमने का बजट बिगड़ रहा है। कुछ दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन ने भीड़ नियंत्रित करने के लिए शुल्क बढ़ाया है, लेकिन अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर भीड़ को नियंत्रित की जा सकती थी।
शुल्क पर पुनर्विचार की मांग
व्यवसायियों का आरोप है कि शुल्क को लगभग 10 गुना तक बढ़ा देने से आम लोग दूरी बनाने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बिहार सरकार से शुल्क में पुनर्विचार की मांग की है। उनका कहना है कि ककोलत केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि आसपास के हजारों परिवारों की रोजी-रोटी का सहारा भी है। दूसरी ओर ककोलत जलप्रपात के दुकानदारों ने अपनी अपनी दुकानें अनिश्चित काल के लिए बंद कर दी है। दुकानदारों का कहना है कि जबतक जिला प्रशासन शुल्क वृद्धि वापस नहीं लेती दुकानें बंद रहेगी। इसके साथ ही 29 मई को थाली बाजार बंद की घोषणा की है।
भईया जी की रिपोर्ट