नवादा : जिले के प्रसिद्ध ऐतिहासिक पर्यटन स्थल ककोलत जलप्रपात में रविवार को सैलानियों की संख्या में भारी कमी देखने को मिली। शाम 4:45 बजे तक करीब 3300 पर्यटकों का ही टिकट कट पाया, जबकि नियम संशोधन और शुल्क वृद्धि से पहले रविवार के दिन यहां 10 हजार से अधिक लोगों का आगमन होता था। स्थानीय लोगों और पर्यटकों के अनुसार हाल में लागू किए गए नए नियम और बढ़े हुए प्रवेश शुल्क का असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।
पहले छुट्टी वाले दिनों में ककोलत परिसर पर्यटकों से भरा रहता था, लेकिन इस रविवार भीड़ काफी कम देखी गयी। कारोबारियों और स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सैलानियों की संख्या घटने से उनके व्यवसाय पर असर पड़ रहा है।पर्यटन स्थल पर कम हुई भीड़ अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। लोग प्रशासन से नियमों और शुल्क व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं ताकि एक बार फिर ककोलत में पहले जैसी रौनक लौट सके।
स्थानीय लोगों का मानना है कि पहले नायादगार वर्षों से लगने वाले सतुआनी मेले को कोरोना काल से बंद कर दिया गया फिर ककोलत महोत्सव को ककोलत के बजाय नवादा में करा प्रशासन ने ककोलत के प्रति अपनी नाराज़गी व्यक्त की और अब अप्रत्याशित प्रवेश व पार्किंग शुल्क में वृद्धि कर ककोलत जलप्रपात की महत्ता को समाप्त करने पर आमादा है। आवश्यकता ककोलत की गरिमा को बनाए रखने का है। ऐसे में जन आंदोलन की सुगबुगाहट तेज होने लगी है।
भईया जी की रिपोर्ट