अरवल – जिला परिषद के पूर्व सदस्य एवं भाजपा नेता आनंद कुमार चंद्रवंशी ने व्यवहार न्यायालय, अरवल के मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के न्यायालय में भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने हेतु आवेदन दायर किया है। अधिवक्ता रंजय कुमार के सहयोग से दायर आवेदन में तत्कालीन अपर समाहर्ता ज्योति कुमार एवं तत्कालीन जिला पंचायतीराज पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार पर आरोप लगाया गया है कि जिला परिषद अरवल की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त योजनाओं के भुगतान के एवज में कथित रूप से 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई।
मांग पूरी नहीं होने पर ग्राम पंचायत रोहाई एवं ग्राम पंचायत खजुरी की योजनाओं में कूटरचित जांच प्रतिवेदन तैयार कर क्रमशः 1,92,666 एवं 1,28,458 की राशि की कटौती कर दी गई। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन जिला क्वॉलिटी मोनिटर अमरेन्द्र कुमार सिंह ने कुटरचित दस्तावेज तैयार करने मे उपरोक्त अभियुक्त को मदद की वही जिला पंचायतीराज पदाधिकारी बिनोद कुमार, तत्कालीन जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह, तत्कालीन अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद मो सैयद अयाज, तत्कालीन अपर समाहर्ता सईदा खातून, कार्यपालक अभियंता अशोक कुमार, अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद प्रितम कुमार जायसवाल, तत्कालीन डीएम कुमार गौरव एवं अवर सचिव समान्य प्रशासन विभाग बिहार उमेश प्रसाद सहित अन्य संबंधित पदाधिकारियों ने मुख्य आरोपित अधिकारियों को बचाने की नीयत से मामले में टालमटोल किया तथा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर न्याय प्रक्रिया को प्रभावित किया।
चंद्रवंशी ने बताया कि मामले की शिकायत जिला पदाधिकारी अरवल, सामान्य प्रशासन विभाग बिहार सरकार सहित अन्य सक्षम प्राधिकारों को दी गई थी। साथ ही BNSS 2023 की धारा 218 के अंतर्गत महामहिम राज्यपाल बिहार से अभियोजन स्वीकृति हेतु आवेदन भी दिया गया था, जिसकी 120 दिनों की वैधानिक अवधि पूर्ण होने के बावजूद अब तक कोई स्पष्ट स्वीकृति अथवा अस्वीकृति आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आरटीआई के माध्यम से प्राप्त जानकारी में केवल “अग्रेतर कार्रवाई” संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराया गया है। ऐसे में न्यायहित में अभियोजन स्वीकृति को माना हुआ स्वीकृति मानते हुए न्यायालय से नामित अभियुक्तों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट