– टोलकर्मी, पुलिस व माफिया गठजोड़ के कारण शिकायत पर नहीं होती कार्रवाई
नवादा : जिले के बिहार – झारखंड सीमा पर समेकित जांच चौकी से लेकर टोल प्लाजा तक झोल ही झोल है रे बाबा! सारे मामले में अधिकारियों की चुप्पी से लूट का बाजार गर्म है। एनएच 20 पर रजौली थाना क्षेत्र के करिगांव टोल प्लाजा पर एक बार फिर टोल संचालक की मनमानी सामने आई है। आरोप है कि टोल प्लाजा कर्मचारियों द्वारा ट्रकों को रोककर ओवरलोडिंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही हैं। बताया जाता है कि टोल प्लाजा पर ट्रकों से ओवरलोडिंग का हवाला देकर प्रति वाहन करीब 850 रुपये नगद की मांग की जा रही है। वाहन चालकों का कहना है कि उनसे अवैध वसूली की जा रही है।
टोलकर्मियों की मनमानी के आगे वाहन संचालक बेबस हैं। वाहनों का धर्म कांटा पर तौल नहीं होता, वहीं ओवरलोडिंग बता वसूली करते हैं। वसूली टोल प्लाजा पर यातायात को सुरक्षित व सुगम बनाने के लिए बने हाई-वे पर सुविधाओं के नाम पर टोल टैक्स लिया जाता है। लेकिन कर्मचारी रात के अंधेरे में अवैध वसूली कर रहे हैं। वाहन संचालकों के वाहनों पर फास्ट टैग लगे होने के बावजूद जबरन नकदी वसूली जा रही है। कर्मियों की मनमानी से टोल कंपनी को लाखों का चूना लग रहा है। नकद भुगतान का विरोध करने पर चालकों से अभद्रता कर टोल कर्मी मारपीट पर आमादा हो जाते हैं।
रात में जब करीगांव टोल प्लाजा का जायजा लिया गया तो वाहन चालकों का दर्द सामने आया।हाई-वे पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आने-जाने के लिए अलग-अलग लेन है। दोनों लेन के बीच कहीं अन्य वाहन न घुस सके इसके लिए बीच सड़क पर डिवाइडर का निर्माण कराया जाता है। सड़क क्रॉस करने के लिए डिवाइडरों के बीच में रास्ता दिया गया है।चालकों ने बताया-वाहन पर फास्ट टैग लगे होने के बावजूद जबरन नकद पैसे लिए जा रहे हैं। टेलर चालक प्रमोद यादव ने बताया कि उनके वाहन पर फास्ट टैग लगा हुआ है। बावजूद जबरन नकद पैसे लिए गए। विरोध करने पर परेशान किया जाता है।
चालक ने बताया कि सादे कपड़े में मौजूद रहने वाले टोलकर्मियों ने उनसे जबरन नकद भुगतान लिया लेकिन रसीद मांगने के बाद भी नहीं दी। तकरीबन आधे घंटे तक टोल प्लाजा पर मौजूद रहने के दौरान टोलकर्मियों की मनमानी रवैये से चालकों को परेशान होते देखना आम बात रही। कई ट्रक मालिकों ने बताया कि रात भर टोल प्लाजा पर अवैध वसूली की जाती है। यहां के वाहन संचालक टोलकर्मियों की मनमानी के आगे बेबस है। धर्म कांटा पर तौल होती नहीं और ओवरलोडिंग बता ट्रकों से वसूली करते हैं।
कहते हैं अधिकारी
जिला परिवहन पदाधिकारी नवीन कुमार पांडेय ने बताया कि शिकायत लगातार मिल रही है। जल्द ही इस मामले करवाई की जायेगी। वैसे टोल प्लाजा और पुलिस की गठजोड़ काफी सुर्खियों में रहा है। प्रबंधक व पुलिसकर्मी का मोबाइल ट्रेस किया जाए तो साक्ष्य खुद सामने आ जाएगा पुलिसकर्मियों के गुर्गे के द्वारा मोटी रकम थाने में पहुंचाया जा रहा है। यही कारण है कि चालकों द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद उसे रद्दी की टोकरी में फेंक दिया जाता है।
भईया जी की रिपोर्ट