अरवल – मुख्यमंत्री, बिहार सम्राट चौधरी द्वारा पंचायत स्तर पर 19 मई, 2026 से प्रारंभ होने वाले ‘सहयोग शिविर’ कार्यक्रम के सफल संचालन एवं सतत अनुश्रवण हेतु विकसित सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 तथा ‘सहयोग शिविर” पोर्टल sahyog.bihar.gov.in का लोकार्पण किया गया। ज्ञातव्य हो कि सहयोग शिविर का आयोजन प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार एवं तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर किया जाएगा। इस अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सभी जिलों से जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री, बिहार ने कहा कि “सहयोग शिविर” का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों एवं समस्याओं का समाधान पंचायत स्तर पर ही सुनिश्चित करना है, ताकि नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान हेतु अनावश्यक रूप से प्रखंड, अनुमंडल, जिला अथवा राज्य मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का निष्पादन पंचायत स्तर पर संभव है, उनका त्वरित निष्पादन पंचायत स्तर पर ही किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
सहयोग शिविर की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का निष्पादन अधिकतम 30 दिनों के अंदर किया जाना अनिवार्य होगा। इस निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत सभी विभागों को आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि प्राप्त आवेदनों की सतत निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा की जाएगी तथा राज्य, जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर अलग-अलग कोषांग का गठन कर रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की स्थिति की नियमित समीक्षा करते हुए उच्चाधिकारियों को समय-समय पर अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई जाए। लोकार्पण कार्यक्रम के उपरांत जिला पदाधिकारी, अरवल अमृषा बैंस द्वारा सभी उपस्थित जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सहयोग शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों की पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका निष्पादन किया जाए।
जिला पदाधिकारी द्वारा नामित नोडल पदाधिकारी सह जिला पंचायती राज पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि सहयोग शिविर के सतत अनुश्रवण हेतु अलग से कोषांग का गठन करते हुए प्राप्त आवेदनों की नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें तथा समय-समय पर जिला पदाधिकारी को संपूर्ण प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी स्तर पर लंबित आवेदन पाए जाने अथवा समुचित विवरण उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में जिले के सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट