नवादा : जिले के पकरीबरावां प्रखंड क्षेत्र के धमौल थाना के ठीक सामने रविवार की देर शाम अपराधियों ने खूनी खेल खेला जिससे पूरे इलाके में दहशत और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना से ड्यूटी समाप्त कर घर लौट रहे चौकीदार जितेंद्र पासवान पर अपराधियों ने अचानक हमला बोल दिया और पेट में चाकू घोंप कर घायल कर दिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जबकि आक्रोशित ग्रामीणों का गुस्सा पुलिस व्यवस्था पर फूट पड़ा और थाना वाहन को निशाना बनाया।
घटना पर स्थानीय लोगों ने क्या बताया
घटना रात करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमौल थाना परिसर से कुछ ही दूरी पर घात लगाए अपराधियों ने चौकीदार को घेर लिया और ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पेट में चाकू लगते ही चौकीदार सड़क पर गिर पड़ा और मौके पर चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पकरीबरावां लाया गया, जहां चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर देखते हुए पावापुरी बीम्स रेफर कर दिया। इलाज के क्रम में मौत हो गयी।
शराब माफियाओं की सूचना देने पर हुआ हमला
घटना को लेकर घायल चौकीदार की पत्नी ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि तुर्कवन गांव में अवैध शराब बिक्री की सूचना चौकीदार जितेंद्र पासवान द्वारा लगातार पुलिस को दी जाती थी। इसी बात से नाराज होकर तुर्कवन निवासी आनंदी यादव के पुत्र रामपत कुमार ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जानलेवा हमला किया। घायल चौकीदार जितेंद्र पासवान ने भी पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह धमौल थाना से ड्यूटी कर घर लौट रहे थे तभी रास्ते में रामपत कुमार समेत चार-पांच लोगों ने उन्हें घेर लिया और अचानक चाकू से हमला कर दिया।
छह महीने पहले मिली थी जान से मारने की धमकी
घायल चौकीदार की पत्नी ने खुलासा किया कि लगभग छह माह पूर्व भी आरोपितों ने उनके पति को जान से मारने की धमकी दी थी। इस संबंध में धमौल थाना में शिकायत दी गई थी, लेकिन यदि समय रहते कार्रवाई हुई होती तो शायद आज यह नौबत नहीं आती। अब इस मामले ने पुलिस की कार्यशैली और सूचना तंत्र पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है।
थाना के सामने चौकीदार पर चाकू से हुआ हमला
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर थाना के सामने अपराधी इतनी बेखौफ तरीके से चौकीदार पर हमला करके फरार हो गए । घटना के बाद पूरे पकरीबरावां प्रखंड में सनसनी फैल गई। चौक-चौराहों से लेकर गांव की गलियों तक चर्चा ही चर्चा है तो लोग घटना के लिए शराब माफिया व पुलिस मिलीभगत को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। लोगों ने कहा शराब माफ़ियाओं में पुलिस का डर नही।
इलाके में लोग खुलकर यह कहने लगे हैं कि अपराधियों के भीतर अब पुलिस का भय समाप्त होता जा रहा है। शराब कारोबार, अपराध और दबंगई के गठजोड़ ने कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दी है। घटना के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर मामले की समीक्षा की जा रही है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। इधर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है और लोग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
भईया जी की रिपोर्ट