नवादा : जिले के बहुचर्चित आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल को हत्या की धमकी मिली है। इस बावत पटना के उच्च न्यायालय से लेकर मुख्य सचिव आदि को आवेदन देकर जान माल सुरक्षा की गुहार लगायी है। आरोप है कि जिले के वारिसलीगंज प्रखंड मनरेगा पीओ से सूचना के अधिकार के तहत कुछ दस्तावेजों की मांग की थी। उपलब्ध करायी गयी आधी अधूरी सूचना में पांच करोड़ रुपए गवन की पुष्टि हुई थी बावजूद जिले के अधिकारियों ने लाभ-शुभ के चक्कर में कार्रवाई तो दूर गलतबयानी करते रहे।
मामला को सीपीग्राम पर ले जाया गया तो अधिकारियों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया जिससे आरोपी दबाव में आ गया। सोमवार को आरटीआई कार्यकर्ता के मोबाइल पर उनसे मिलने की इच्छा प्रकट की लेकिन उन्होंने मिलने से इंकार कर दिया। करीब आधे घंटे तक चली वार्ता की सूचना पुलिस अधीक्षक को देने का प्रयास किया गया लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। इस क्रम में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण निदेशक व जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को मोबाइल कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दोनों की बातें सुनायी गयी लेकिन अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेना तो दूर बातों पर ध्यान देना तक उचित नहीं समझा।
इस क्रम में आरोपी ने गयाजी के मानपुर थाना क्षेत्र के उनके घर के पास लक्खीबाग मुहल्ले में रहने का हवाला देते हुए “जल में रहकर मगर से बैर” समेत भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गीता में कहें गये की उद्धरण प्रस्तुत कर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने की धमकियां दी।मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश समेत मुख्य सचिव, आरक्षी महानिरीक्षक आदि को आवेदन भेजकर जान माल सुरक्षा की गुहार लगायी है।
बता दें जिले में मनरेगा,बाल विकास व पीडीएस में व्याप्त भ्रष्टाचार में संलिप्त कर्मियों व अधिकारियों का लगातार आरटीआई के माध्यम से पोल खोलने के कारण भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों का लगातार कोप भाजन का शिकार हो रहे हैं। जिले में शायद ही ऐसा कोई विभाग हो जिसकी भ्रष्टाचार की पोल उन्होंने न खोली है। ऐसे में उन्हें सुरक्षा की नितांत आवश्यकता है। अब गेंद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश समेत राज्य व जिले के अधिकारियों के पाले में है। आम नागरिकों को कार्रवाई के साथ उन्हें उपलब्ध करायी गयी सुरक्षा पर नजरें रहेगी।
भईया जी की रिपोर्ट