राजधानी पटना में भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक मेट्रो का ट्रायल रन आज सोमवार से शुरू हो रहा है। इसके लिए CMRS की एक टीम पटना पहुंची है। इस दौरान पटना में मेट्रो के दो नए स्टेशनों-खेमनीचक और मलाही पकड़ी का निरीक्षण किया जाएगा। यह टीम मलाही पकड़ी और खेमनीचक स्टेशन के ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम, प्लेटफॉर्म सुरक्षा व्यवस्था, यात्री सुविधाएं और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच करेगी। सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरने के बाद पटना मेट्रो के प्राथमिक फेज के सभी स्टेशनों तक मेट्रो का उद्घाटन कर दिया जाएगा और परिचालन होने लगेगा। इसको लेकर आज 27 अप्रैल को मेट्रो रेल सेवा आम जनता के लिए पूरी तरह से बंद रहेगी। इसके बाद कल 28 अप्रैल से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल मेट्रो स्टेशन से फिर से यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा बहाल हो जाएगी।
6.107 किलोमीटर लंबे पटना मेट्रो के प्राथमिक कॉरिडोर में छह अक्टूबर 2025 से आईएसबीटी से भूतनाथ के बीच 2.9 किलोमीटर में मेट्रो चल रही है। मलाही पकड़ी तक मेट्रो का आवागमन शुरू होते ही प्राथमिक कॉरिडोर का परिचालन पूरा हो जाएगा। आज का यह ट्रायल भूतनाथ से खेमनीचक होते हुए मलाही पकड़ी तक किया जाएगा। इस रूट की लंबाई करीब 2.75 किलोमीटर है, जहां मेट्रो की स्पीड, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग और सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को परखा जाएगा। अगर आज के निरीक्षण में सब कुछ ठीक पाया गया, तो जल्द ही इन दोनों नए स्टेशनों के साथ मेट्रो सेवा शुरू करने की तारीख तय कर दी जाएगी. इससे शहर में मेट्रो नेटवर्क और मजबूत होगा।
फिलहाल इस समय पटना मेट्रो सीमित रूट पर ही चल रही है, लेकिन इस नए सेक्शन के जुड़ने के बाद कुल दूरी बढ़कर करीब 6 किलोमीटर से ज्यादा हो जाएगी। इससे पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से मलाही पकड़ी तक सीधी कनेक्टिविटी मिल सकेगी। इस विस्तार के बाद यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर कंकड़बाग और आसपास के इलाकों के लोगों के लिए सफर आसान हो जाएगा और साथ ही शहर में ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। वहीं दूसरी तरफ पटना मेट्रो के कॉरिडोर-2 में भी काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर स्टेशन के बीच बनने वाला पहला टनल अगले महीने तक तैयार होने की उम्मीद है, जबकि दूसरा टनल जून तक पूरा हो सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, पहली टनल की बोरिंग मशीन राजेंद्र नगर इलाके में रेलवे ट्रैक को सफलतापूर्वक पार कर चुकी है। अब उसे स्टेशन तक पहुंचने के लिए करीब 150 मीटर की खुदाई और करनी है। वहीं दूसरी TBM को अभी लगभग 350 मीटर की दूरी तय करनी है, जिसके बाद वह भी स्टेशन तक पहुंच जाएगी।