By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Swatva Samachar
Notification
  • Home
  • देश-विदेश
  • राज्य
  • राजपाट
  • खेल-कूद
  • मनोरंजन
  • अपराध
  • अर्थ
  • अवसर
  • आप्रवासी मंच
    • बिहारी समाज
  • मंथन
  • वायरल
  • विचार
  • शिक्षा
  • संस्कृति
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो
  • E-Magazine
Font ResizerAa
Swatva SamacharSwatva Samachar
  • देश-विदेश
  • राजपाट
  • खेल-कूद
  • मनोरंजन
  • अपराध
  • अर्थ
  • अवसर
  • आप्रवासी मंच
  • बिहारी समाज
  • मंथन
  • वायरल
  • विचार
  • शिक्षा
  • संस्कृति
  • स्वास्थ्य
Search
  • About us
  • Advertisement
  • Editorial Policy
  • Grievance Report
  • Privacy Policy
  • Terms of use
  • Feedback
  • Contact us
Follow US
बिहारी समाज

जिले में बढ़ती गर्मी में गिरा 15 से 25 फीट तक भूजल स्तर, सूख गए हैंडपंप

Swatva
Last updated: April 24, 2026 2:02 pm
By Swatva 126 Views
Share
6 Min Read
SHARE

नवादा : जिले में अप्रैल माह में ही पानी का स्तर 15 से 25 फीट तक गिर गया है, जिससे जल संकट गहराने लगा है। चापाकल निरर्थक साबित हो रहा है और नदियां सूख चुकी हैं। ग्रामीण इलाकों में लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ गया है।

Contents
भीषण गर्मी में गिरा 15 से 25 फीट तक भूजल स्तर, सूख गए हैंडपंपजिले की पांचों नदी सहित कई उप नदियां सूखींसूखते जलस्रोत पर चिंता जताते दिख रहे विशेषज्ञगहराते जल संकट से सामने खड़ी हैं अनेक चुनौतियांजिले के प्रखंडों में जल स्तर में गिरावट का विवरणगंगा जल आपूर्ति योजना से है उम्मीद, पर चुनौतियां बरकरार
- Advertisement -

भीषण गर्मी में गिरा 15 से 25 फीट तक भूजल स्तर, सूख गए हैंडपंप

अभी अप्रैल का महीना छह दिन शेष है और भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने जिले के भूजल स्तर को संकटपूर्ण स्थिति में पहुंचा दिया है। जिले के लगभग सभी 14 प्रखंडों में पानी का स्तर औसतन 15 से 25 फीट तक नीचे खिसक चुका है, जिसके कारण हजारों चापाकल अब निरर्थक हो कर रह गए हैं। जिले में जल संकट भयावह रूप लेता जा रहा है। सूर्य की तपिश और पारा 42 डिग्री के पार जाने के साथ ही जिले का भूजल स्तर रिकॉर्ड स्तर काफी नीचे गिर गया है। स्थिति यह है कि जिले के अधिकांश प्रखंडों में वाटर लेवल पूरी तरह से भाग चुका है, जिससे हजारों सरकारी और निजी चापाकल बस सांय-सांय कर रह जा रहे हैं।

जिले की पांचों नदी सहित कई उप नदियां सूखीं

​हालांकि प्रशासन द्वारा चापाकल मरम्मत दल को सक्रिय कर दिया गया है। लेकिन धरातल पर परिणाम अनुकूल नहीं दिख रहा है। भूजल की भारी गिरावट ने पेयजल का संकट तो खड़ा किया ही है, साथ ही मवेशियों के लिए भी परेशानी का सबब बन गया है। जिले की सभी पांच प्रमुख नदियां खुरी, सकरी, धनार्जय, तिलैया और ढाढर पूरी तरह से सूख चुकी हैं। इनके साथ की उपनदियां पंचाने, नाटी, बघैल आदि के भी सूखने का सीधा असर आसपास के इलाकों के जल स्तर पर पड़ा है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति यह है कि नल-जल योजना के तहत लगी टंकियां भी अब पर्याप्त पानी नहीं खींच पा रही हैं, क्योंकि बोरिंग के पाइप पानी की सतह तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि नदियों में अनियंत्रित बालू उठाव और तालाबों के अतिक्रमण ने स्थिति को और भयावह बना दिया है। ​

सूखते जलस्रोत पर चिंता जताते दिख रहे विशेषज्ञ

जिला भौगोलिक रूप से पथरीली और अर्ध-शुष्क भूमि का क्षेत्र है। जिले के भूगोलवेत्ता प्रो.अनुज कुमार ने बताया कि जिले में जलस्तर गिरने की समस्या हर साल होती थी, लेकिन साल-दर-साल गिरावट की गति चौंकाने वाली है। जिले की नदियों की रेतीली सतह अब तप रही है, जिससे आसपास के क्षेत्रों का रिचार्ज सिस्टम ठप हो गया है। ​अंधाधुंध बोरिंग और भूजल के अनियंत्रित दोहन ने स्थिति को और भी गंभीर कर दिया है। भूगोलवेत्ता डॉ.गणेश शर्मा कहते हैं कि जहां पहले 100 से 150 फीट पर पानी मिल जाता था, वहां अब कहीं-कहीं 200 फीट से ऊपर तक बोरिंग करने के बाद भी पानी मिल जाने की गारंटी नहीं रहती है। स्थिति की गंभीरता इससे ही जाना जा सकता है कि ​जिले के सभी 14 प्रखंडों में वाटर लेवल सामान्य से औसतन 15 से 30 फीट तक नीचे जा चुका है।

- Advertisement -

गहराते जल संकट से सामने खड़ी हैं अनेक चुनौतियां

​जिले के ग्रामीण इलाकों में गहराते जल संकट से अनेक चुनौतियां सामने हैं। जिन गांवों में नल-जल योजना की बोरिंग कम गहराई वाली थी, वे अब पूरी तरह बंद हो चुकी हैं। लोग पुराने कुओं के बचे-खुचे दूषित पानी को छानकर पीने पर मजबूर हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इंसानों के साथ-साथ मवेशियों की स्थिति और भी दयनीय है। जिले के अधिकांश तालाब और आहर सूखकर मैदान बन चुके हैं। पशु बेतरह प्यासे रह रहे हैं, जिससे पशुपालकों की परेशानी बढ़ी हुई है।

जिले के प्रखंडों में जल स्तर में गिरावट का विवरण

प्रखंड का नाम जल स्तर में गिरावट नवादा सदर 15-18
फीट रजौली 20-22 फीट अकबरपुर 15-17 फीट
हिसुआ 12-15 फीट
नारदीगंज 18-20 फीट
वारिसलीगंज 10-12 फीट पकरीबरावां 15-18 फीट
गोविन्दपुर 18-21 फीट
मेसकौर 17-19 फीट
सिरदला 20-25 फीट
रोह 14-16 फीट काशीचक 09-11 फीट
कौआकोल 16-20 फीट
नरहट 12-14 फीट

- Advertisement -

गंगा जल आपूर्ति योजना से है उम्मीद, पर चुनौतियां बरकरार

​पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नवादा में गंगा जल आपूर्ति योजना का शुभारंभ एक ठोस कदम रहा है। नवादा के पौरा स्थित मास्टर अंडरग्राउंड रिजर्वोयर से शहर के कई इलाकों में शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है। हालांकि, यह योजना मुख्य रूप से शहरी क्षेत्र तक ही सीमित है। बल्कि नवादा शहर के सभी वार्डों तक भी इसकी पहुंच नहीं है। जहां से इसकी पाइपलाइन गुजरी है, वहां के गांवों तक को इसका कोई फायदा अभी तक नहीं मिल पा रहा है। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में इस योजना का कोई लाभ मिल भी पाएगा या नहीं, यह सवाल मुंह बाए सामने है। कुल मिला कर पानी का अपव्यय रोकने से लेकर वर्षा जल संचयन आदि को पेयजल संकट का निदान माना जा रहा है, जो विशेषज्ञ बार-बार दोहरा रहे हैं।

भईया जी की रिपोर्ट

TAGGED: nawada khabar, Nawada news, nawada updates, नवादा, बढ़ती गर्मी
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn Telegram Copy Link
Did like the post ?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

हमने पुरानी ख़बरों को आर्काइव में डाल दिया है, पुरानी खबरों को पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक कर। Read old news on Archive

Live News

- Advertisement -

Latest News

जनसुनवाई में सुनी गई आमजनों की समस्याएं, त्वरित निष्पादन हेतु दिए गए निर्देश
बिहारी समाज
09 मई को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर तैयारियां तेज
बिहारी समाज
नौ वर्षों से फरार चल रहे पाक्सो अधिनियम का वारंटी गिरफ्तार 
बिहारी समाज
दाय बिगहा गांव के घर में लगी आग, हजारों का नुक्सान
बिहारी समाज
- Advertisement -

Like us on facebook

Subscribe our Channel

Popular Post

जनसुनवाई में सुनी गई आमजनों की समस्याएं, त्वरित निष्पादन हेतु दिए गए निर्देश
बिहारी समाज
09 मई को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर तैयारियां तेज
बिहारी समाज
नौ वर्षों से फरार चल रहे पाक्सो अधिनियम का वारंटी गिरफ्तार 
बिहारी समाज
दाय बिगहा गांव के घर में लगी आग, हजारों का नुक्सान
बिहारी समाज
- Advertisement -
- Advertisement -

Related Stories

Uncover the stories that related to the post!
बिहारी समाज

जनसुनवाई में सुनी गई आमजनों की समस्याएं, त्वरित निष्पादन हेतु दिए गए निर्देश

नवादा : बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय “सबका सम्मान-जीवन…

By Swatva

09 मई को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर तैयारियां तेज

नवादा : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक…

By Swatva

नौ वर्षों से फरार चल रहे पाक्सो अधिनियम का वारंटी गिरफ्तार 

नवादा : जिले की अकबरपुर पुलिस ने नौ वर्षों से फरार चल…

By Swatva

दाय बिगहा गांव के घर में लगी आग, हजारों का नुक्सान

नवादा : जिले के नरहट थाना क्षेत्र के दाय बिगहा गांव में…

By Swatva
Show More
- Advertisement -

About us

पत्रकारों द्वारा प्रामाणिक पत्रकारिता हमारा लक्ष्य | लोकचेतना जागरण से लोकसत्ता के सामर्थ्य को स्थापित करना हमारा ध्येय | सूचना के साथ, ज्ञान के लिए, गरिमा से युक्त |

Contact us: [email protected]

Facebook Twitter Youtube Whatsapp
Company
  • About us
  • Feedback
  • Advertisement
  • Contact us
More Info
  • Editorial Policy
  • Grievance Report
  • Privacy Policy
  • Terms of use

Sign Up For Free

Subscribe to our newsletter and don't miss out on our programs, webinars and trainings.

[mc4wp_form]

©. 2020-2024. Swatva Samachar. All Rights Reserved.

Website Designed by Cotlas.

adbanner
AdBlock Detected
Our site is an advertising supported site. Please whitelist to support our site.
Okay, I'll Whitelist
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?